आगरालीक्स…आगरा में डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि का 92वां दीक्षांत समारोह 3 अगस्त को. तैयारियों को लेकर कुलपति ने की हाईलेवल समीक्षा बैठक. दिये निर्देश और बताया क्या होगा खास
डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय का 92वां दीक्षांत समारोह 3 अगस्त को है। मंगलवार को इसकी तैयारियों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से पालीवाल पार्क परिसर स्थित कुलपति सचिवालय के बृहस्पति भवन में कुलपति प्रोफेसर आशु रानी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दीक्षोत्सव के विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा करते हुए सभी समितियों को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से दायित्वों के निर्वहन के निर्देश दिए गए। कुलपति प्रोफेसर आशु रानी ने निर्देश दिए कि दीक्षोत्सव के अंतर्गत जन भवन से निर्देशित सभी गतिविधियों एवं कार्यक्रमों का समग्र विवरण संकलित करते हुए एक आकर्षक बुकलेट तैयार की जाए तथा उसे समारोह स्थल पर प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने विश्वविद्यालय के सभी परिसरों, संस्थानों एवं विभागों में संचालित स्वच्छता अभियान को निरंतर गति देने पर बल देते हुए कहा कि पूरा विश्वविद्यालय परिसर दीक्षांत समारोह के अनुरूप स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं आकर्षक स्वरूप में दिखाई देना चाहिए।बैठक में जानकारी दी गई कि विश्वविद्यालय के विभिन्न संस्थानों में आयोजित पुस्तक पठन-पाठन गतिविधियों में लगभग 200 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया। सामाजिक सरोकारों के अंतर्गत गोद लिए गए गांवों के विद्यालयों में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को भी दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि विश्वविद्यालय मॉडल स्कूल के 10 विद्यार्थी पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए 'पेड़ बचाओ' विषय पर गीत, अभिनय एवं नृत्य की प्रस्तुति देंगे। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों द्वारा लोकनृत्य की भी मनोहारी प्रस्तुति दी जाएगी। समारोह के दौरान विश्वविद्यालय द्वारा संकलित 100 पुस्तकों का सेट छोटे बच्चों को अध्ययन हेतु भेंट किया जाएगा तथा आगरा एवं इटावा जनपद की आंगनबाड़ियों के लिए लगभग 600 आंगनबाड़ी किट वितरित की जाएंगी।
शिक्षक सम्मान कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए निर्णय लिया गया कि जिन शिक्षकों को कुलाधिपति द्वारा सम्मानित किया जाएगा, उन्हें उनके महाविद्यालय के प्राचार्य के साथ मंच पर आमंत्रित किया जाएगा, जहां सम्मान के उपरांत स्मृति छायाचित्र भी लिए जाएंगे। इसी प्रकार पदक प्राप्त करने वाले प्रत्येक छात्र-छात्रा के साथ उनके माता एवं पिता दोनों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा, ताकि उन्हें भी माननीय कुलाधिपति से भेंट का अवसर प्राप्त हो सके। बैठक में पदक समिति द्वारा अवगत कराया गया कि पदकों की जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है, जिसके संबंध में 24 जुलाई तक आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। इस वर्ष लगभग 150 शोधार्थियों को पीएच.डी. उपाधि प्रदान किए जाने का भी प्रस्ताव है। दीक्षांत समारोह के मंच संचालन की व्यवस्था के अंतर्गत प्रारंभिक संचालन विश्वविद्यालय सामुदायिक रेडियो 90.4 'आगरा की आवाज' की कार्यक्रम अधिशासी एवं जनसंपर्क अधिकारी पूजा सक्सेना द्वारा किया जाएगा, जबकि इसके उपरांत समारोह का मुख्य संचालन कुलसचिव अजय मिश्रा (पीसीएस) करेंगे।बैठक में यह भी बताया गया कि दीक्षांत समारोह की पोशाकें 27 जुलाई से खंदारी परिसर स्थित गृह विज्ञान संस्थान से वितरित की जाएंगी, जिसकी समन्वयक प्रो. अर्चना सिंह होंगी। समारोह की पूर्ण रिहर्सल 1 अगस्त को आयोजित की जाएगी। पूर्व की भांति इस वर्ष भी कुलाधिपति द्वारा ऑनलाइन माध्यम से विश्वविद्यालय की 20 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जाएगा। साथ ही विश्वविद्यालय की गौरवशाली शताब्दी यात्रा, स्थापना दिवस, वर्षभर की प्रमुख उपलब्धियों तथा समाज एवं विद्यार्थियों के उत्थान में किए गए प्रेरणादायी कार्यों पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन विश्वविद्यालय सामुदायिक रेडियो 90.4 आगरा की आवाज द्वारा किया जाएगा।
बैठक में दीक्षांत समारोह के विशिष्ट अतिथियों के लिए नामित लाइजन अधिकारियों की भी जानकारी दी गई। उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय के लिए डॉ. राजेश कुशवाहा, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी के लिए पूजा सक्सेना (जनसंपर्क अधिकारी) तथा मुख्य अतिथि, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के अध्यक्ष प्रो. पंकज अरोरा के लिए डॉ. राजेश लवानियां को लाइजन अधिकारी नामित किया गया। बैठक में सभी समितियों से समन्वित रूप से कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूर्ण करने का आह्वान किया गया, ताकि डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय का 92वां दीक्षांत समारोह शिक्षा, संस्कृति, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं उत्कृष्ट शैक्षणिक परंपराओं का प्रेरणादायी उदाहरण बन सके।