
ताजनगरी फेस वन निवासी जूता कारोबारी हाजी मुईनउद्दीन की पत्नी चांदनी ने पुलिस को बताया कि हाजी 17 मई की रात में फोन आने के बाद घर से पठानी सूट पहनकर निकले थे। उन्हें आगरा से दिल्ली और वहां से फ्लाइट से बेंगलुरू जाना था। 23 मई को वापस लौटना था। लेकिन वे बेंगलूरू नहीं पहुंचे, इस पर बेटा व बेटी पिता की तलाश में बेंगलुरू पहुंए गए। उनका कोई पता न चलने पर 23 मई को ताजगंज थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई। 18 मई को एत्मादपुर में जब शव मिला तो तन पर कत्थई बनियान व नीली चेकदार लुंगी थी। पठानी सूट गायब था। हाजी मुईन का बेटा मुवीन सोमवार को बंगलूरू से लौटा। उसने बताया कि वह अब्बा की तलाश में वहां गया था। पुलिस ने उससे लंबी पूछताछ की। एसएसपी डॉ प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि मुईनउद्दीन के बेटे मोबिन ने अपने दोस्त अभिनव के साथ अपने पिता की हत्या की साजिश रची। वे उनकी कार में थे और घर से थोडी दूरी पर ही उनकी हत्या कर दी। इसके बाद सूटकेस में शव को रख लिया।
एत्मादपुर में फेंका था शव
पुलिस के मुताबिक मुवीन अपने साथ पढ़ने वाली एक लड़की से प्यार करता था। वह उसी से शादी करना चाहता था। यह बात जब पिता को पता चली तो पिता ने उसे खूब पीटा।
मुवीन ने बताया कि मुईनुद्दीन उसकी मां चांदनी को भी पीटता था। अपने पिता की सैंडल फैक्ट्री से 50 हजार रुपये जुटा कर दोस्त अभिनव को दिए। 17-18 मई की रात में पिता का घर पर सोते वक्त ही अपने दोस्त के साथ मिल कर चाकुओं से प्रहार करके कत्ल कर दिया। इसके बाद लाश को कार के प्लास्टिक के कवर में लपेट कर बड़े सूटकेस में रख कर रात में एत्मादपुर क्षेत्र में फेंक आए। इधर मुईन की पत्नी ने कमरे में पड़े खूब को साफ किया था। दो चाकू और खून से सने कपड़े एक बोरे में रख कर विभव नगर के नाले में फेंक दिया था। इसके बाद अगले ही दिन एक टैक्सी बुक करके मुवीन और अभिनव परिवार के साथ देवा शरीक के लिए रवाना हो गए। वहां से वापस आने पर पिता के बेंगलूरू जाने की बात रिश्तेदारों को बताई और बाद में मुवीन ने ही मुईनुद्दीन की गुमशुदगी ताजगंज थाने में दर्ज कराई थी। इसके बाद सर्विलांस टीम की मदद से पुलिस ने घटना का खुलासा किया। घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम का नेतृत्व एसपी सिटी सुशील घुले और सीओ सदर असीम चौधरी ने किया।
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