आगरालीक्स…‘जिसदा साहिब डाडा होए तिस नो मार न साकै कोए’…पावन कीर्तन दरबार भव्यता पूर्ण अमृतमई कीर्तन की बही रस धारा
अमृतवेला परिवार की ओर से आयोजित दो दिवसीय कीर्तन दरबार प्रथम दिन दयानंद पार्क कमला नगर में आयोजित किया गया. मनोहरी वातावरण में आकर्षक भाव सज्जा के साथ सजे सुंदर तखत श्री गुरु ग्रंथ साहिब महाराज को प्रकाशमान किया गया. उपरांत अमृतवाणी रेहरास साहिब जी का पाठ किया गया. उसके बाद अमृतसर से आये पंथ के महान कीर्तनकार भाई मनप्रीत सिंह जी ने गुरु की मधुर वाणी सुना गुरु की उपमा का वर्णन किया. संगते मंत्रमुग्ध हो उठी 1, बधाइयाँ गुर सिखा मन बधाइयाँ जिन मेरा सतगुरु डिठा राम राजे,,,2 असी भिखारी तू है राजा असी गरीब तू गरीब नवाजा,,,

सुखमनी सेवा सभा के प्यारे वीर महेंद्र पाल सिंह द्वारा गुरु अमरदास सच्चे पातशाह जी के जीवन पर बहुत ही सुंदर विचार प्रस्तुत किए गए. उन्होंने शबद “जिस दा साहिब डाडा होए तिसनो मार ना साके कोए” का गायन कर सभी का मन मोह लिया. उन्होंने कहा गुरु को कोई धन पदार्थों की भूख नहीं है गुरु को केवल भावना और भाव की भूख है. उन्होंने गुरु अमरदास साहिब जी की वाणी “जगत जलंदा रख लै अपनी किरपा धार “का गायन कर सारे संसार के भलाई रूप में इस शब्द का गायन किया. इस अवसर पर संत बाबा प्रीतम सिंह ने सभी संगत को आशीर्वाद वचन कहे समाप्ति के उपरांत गुरु महाराज की अटूट लंगर का वितरण हुआ. जिसे सभी धर्म व वर्ग के लोगों ने एक साथ बैठकर ग्रहण किया. गुरमुख वयानी,बबलू वयानी,विनय,मोहित,गुरु सेवक श्याम भोजवानी,मनोज नोतनानी, मनिंदर सिंह, गुरमीत सिंह सेठी,सुरेंद्र सलूजा , दलजीत सिंह, हैप्पी ,हरजिंदर सिंह, सतीश सिंह अरोड़ा, संजय मखीजा, मोहित विनय वयानी, समस्त अमृतवेला परिवार की उपस्थिति रही.
