नईदिल्लीलीक्स… कमरे में जहरीली गैस है। इससे आग लग सकती है। माचिस नहीं जलाएं। कमरे को गैस चैंबर बना महिला ने दो युवा बेटियों समेत की खुदकुशी की।
पति की कोरोना काल में हो चुकी थी मौत
दिल्ली के वसंत विहार में यह हृदय विदारक आत्मघाती कदम तंगी-तुर्सी से जूझ रही एक महिला ने उठाया। महिला कुछ समय से बीमार थी और उसके पति की कोरोना काल में मौत हो चुकी थी।
खिड़कियों को कर दिया पूरी तरह पैक
महिला ने घर की खिड़कियों को बंद करने के बाद प्लास्टिक की पन्नियों को पूरी तरह से पैक किया औऱ उस पर चारों ओर से टेप चिपका दिया। इसके बाद अंगीठी जला दी, जिससे उठी मोनोऑक्साइड गैस कमरे में भरने से तीनों की मौत हो गई। दोनों बेटियों की उम्र करीब 26 से 30 वर्ष के बीच की है।
दरवाजे पर लगाया चेतावनी का नोट
महिला ने मरने से पहले कमरे में आऩे वाले लोगों को सचेत करते हुए कमरे में जहरीली गैस है। इससे आग लग सकती है। माचिस, मोमबत्ती नहीं जलाएं। कमरे में सांस भी नहीं लें, इससे जान जा सकती है।
सुबह काम करने आई बाई ने दी सूचना
रविवार सुबह कमरे में काम करने वाली महिला आई तो दरवाजा नहीं खुला। मोबाइल पर रिंग जाती रही। इसके बाद पड़ोसियों को सूचना दी गई तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
आत्मघाती तरीका देख लोग हतप्रभ
पुलिस ने दरवाजे के ऊपर लगे निर्देश को पढ़ने के बाद सावधानी से दरवाजा खोला और तीनों के शवों को कब्जे में लिया। कमरे के अंदर गैस सिलेंडर को खुला छोड़ दिया गया था। साथ ही अंगीठी में कोई केमिकल भी डाला जाना प्रतीत हो रहा था।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजे
शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलेगा कि महिला और उसकी बेटियों ने आत्महत्या के लिए विषाक्त पदार्थ का सेवन किया था अथवा जहरीली गैस के कारण मौत हुई।
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