आगरालीक्स…आगरा में श्रमणी आर्यिका अर्हं श्री माताजी ने कहा—बेटी को विदा करते समय या फिर बहू को घर मे स्वागत करते समय ये 5 चीजें अवश्य भेंट करें…
गुरुवार को श्री 1008 महावीर दिगम्बर जैन मन्दिर कमलानगर आगरा मे विराजित श्रमणाचार्य श्री 108 विभव सागर जी महाराज की सुशिष्या श्रमणि आर्यिका श्री 105 अर्हश्री माताजी ने अपनी प्रात:कालीन प्रवचन सभा मे बोलते हुये कहा कि बेटी को विदा करते समय अथवा बहू का घर मे स्वागत करते समय एक सबसे सुन्दर सा गिफ्ट पैक बनाना और उसमे ये पांच चीज रखना- 1-पद्मपुराण का 3 पुस्तक का सैट जैन रामायण 2- पूजा का उत्तम धातु का बर्तन सैट स्वर्ण, रजत, पीतल शक्तिनुसार)3-पूजा की पुस्तक जिनवाणी)4-जाप की माला स्फटिक,सोना,चांदी की शक्तीनुसार)5- शास्त्र रखने हेतु सुन्दर सी पीठ व पथावरा।

उन्होने आगे कहा कि साथ में एक पत्र भी रखना जिसमे लिखना कि तुम्हारी राम और सीता जैसी जोड़ी बनी रहे। लव और कुश जैसी सन्तान हो इसलिये पद्मपुराण का स्वाध्याय शास्त्र पीठ पर रखकर बडी विनय पूर्वक अवश्य करना चाहें नित्य एक ही श्लोक पढ़ो, पढ़ना जरूर और आगे लिखना कि कभी भी वीतराग प्रभु की पूजा करना न छोड़ना और नित्य उन्हीं के नाम की माला जपना। कितना भी संकट आवे बेटा बस सीता की तरह अडिग रहना,तुम्हारा कल्याण होगा। इससे पहले उन्होंने रात्री भोजन के पड़ने वाले बुरे प्रभाव के बारे में बताते हुये कहा कि निश भोजन दुख का कारण है। रात्रि भोजन त्याग से निर्धन भी धनवान बन सकता है। रात्रि में भोजन त्याग का फल सुन्दर कुल,रूपवान शरीर,पूर्णांग पूर्णायु का प्राप्त होना है। पूर्व भव में हमने निश भोजन का त्याग कियाथा इसीलिये आज यह सब अनुकूलता मिली है। उनहोंने रात्रि में भोजन के त्याग का तो आव्हान किया साथ ही उन्होंने रात्रि को एक घंटे मात्र का रात एक-दो के बीच चारों प्रकार के आहार त्याग का संकल्प का लाभ बताया। मीडिया प्रभारी शुभम जैन ने बताया कि माताजी के मंगल प्रवचन नित्य प्रात: 7.30 से 8.30 तक मन्दिरजी मे हो रहे हैं और माताजी ससंघ के मंगल सानिध्य में श्री महावीर दिगम्बर जैन मन्दिर कमलानगर मे 4 जून को श्रुतपंचमी महोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जायेगा।