
अंबेडकर विवि में रिजल्ट तैयार करने से लेकर मार्कशीट और डिग्री देने का काम एजेंसियों से कराया जा रहा है। इसके लिए एजेंसी से अनुबंध किया जाता है, यह एजेंसी मूल्यांकन के बाद रिजल्ट तैयार करती हैं और मार्कशीट व डिग्री वितरित करती है। इसके लिए इन्हें प्रति छात्र भुगतान किया जाता है। विवि ने सत्र 2014 के परीक्षा कार्य का अनुबंध शुभाटेक एजेंसी, दिल्ली से किया था। एजेंसी परीक्षा कार्य ठीक से नहीं कर सकी। हजारों छात्रों की मार्कशीट जारी नहीं की गई। इसी बीच छात्र नेताओं के मारपीट करने के बाद एजेंसी ने विवि में काम बंद कर दिया, विवि के अधिकारियों के अल्टीमेटम के बाद एजेंसी ने चार्ट वापस कर दिए। इसके बाद भी हजारों छात्रों को मार्कशीट और डिग्री नहीं मिली है। इस मामले में कुलसचिव केएन सिंह ने थाना हरीपर्वत में तहरीर दी थी, इस पर 420 और 406 की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
53 हजार छात्रों को नहीं मिली मार्कशीट
विवि के अधिकारी सत्र 2014 के 53 हजार छात्रों को मार्कशीट नहीं दिलवा सके हैं। इस सत्र में 6 .83 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। छात्रों की मार्कशीट एजेंसी ने तैयार नहीं की है, कारण बताया जा रहा है कि इन छात्रों के पिछले साल और सत्र 2014 के कुछ विषयों के अंक विवि द्वारा उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसलिए छात्रों को मार्कशीट नहीं दी जा रही हैं।
1. 75 करोड का होना था भुगतान, दिए 60 लाख
शुभाटेक एजेंसी ने 40 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से रिजल्ट, मार्कशीट और डिग्री तैयार करने का अनुबंध किया था। मगर, एजेंसी सभी छात्रों की मार्कशीट जारी नहीं कर सकी है। विवि को एजेंसी को 1 .75 करोड का भुगतान करना था, इसमें से एजेंसी को 60 लाख का भुगतान किया गया है।
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