
सिकंदरा क्षेत्र के एक कान्वेंट स्कूल में शिक्षिका पढाती हैं, 11 वीं क्लास का एक छात्र उनसे नजदीकी बनाना चाहता था। वह स्कूल में मौका लगते ही उनके पास आ जाता, उनकी तारीफ करने लगता। पहले शिक्षिका ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन छात्र की हरकतें बढने लगी तो उन्होंने उसे डांट लगा दी और सही व्यवहार करने के लिए कहा। इसके बाद भी छात्र नहीं माना, वह उनका पीछा करने लगा। यहां तक कि उन्हें प्रपोज कर दिया। इससे शिक्षिका भी परेशान हो गई।
स्कूल की नौकरी छोडी, घर पर छेडछाड
छात्र के इस तरह के व्यवहार से शिक्षिका परेशान थी, वह किससे शिकायत करें, इसके बजाय उन्होंने नौकरी छोड दी। जिससे छात्र उन्हें परेशान न कर सके, लेकिन वह इसके बाद भी नहीं माना और पीछा करते हुए उनके घर तक आ गया। यहां उसने शिक्षिका को पकड लिया और छेडछाड कर दी, उनके शोर मचाने पर वह भाग खडा हुआ।
तेजाब डालने की दी धमकी
इसके बाद छात्र ने शिक्षिका पर तेजाब तालने की धमकी दे दी, इससे दहशत में आई शिक्षिका ने थाने में तहरीर दी। पुलिस ने छात्र को पकड लिया, उसे बाल सुधार ग्रह भेजा गया है।
स्कूल और परिजन रखें नजर
14 से 18 साल की उम्र के दौरान छात्र और छात्राओं के व्यवहार में बदलाव आता है, ऐसे में स्कूल में शिक्षिक और घर पर परिजनों को नजर रखनी चाहिए। वे अलग तरह का व्यवहार करते हैं तो उन्हें समझाना चाहिए, जिससे वे अपनी पढाई और करियर पर ज्यादा ध्यान दें। ऐसा न होने से इस तरह की घटनाएं तेजी से बढी हैं।
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