
रविवार को आगरा आए केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री डॉ महेश शर्मा ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में जब यह कहा तो उनसे विदेशी महिला पर्यटकों के ड्रेस कोड के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अपनी बात को पलटते हुए कहा कि उनका आशय किसी भी विदेशी महिला पर्यटक के क्या पहनने या क्या न पहनने का नहीं था। उनका मतलब था कि भारत की संस्कृति अलग है। यहां तमाम मंदिर हैं। इसलिए उसी के अनुसार ड्रेस कोड होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसे किसी गलत रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।
12 भाषाओं में हेल्पलाइन
सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने पर्यटकों की मदद के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गईं तीन सुविधाएं गिनाईं। इसमें पहली सुविधा 12 भाषाओं में हेल्पलाइन शुरू करने की थी। उनका दावा है कि विश्व के किसी भी देश में इतनी भाषाओं में कोई हेल्पलाइन नहीं चल रही। उन्होंने दूसरी सुविधा गिनाते हुए कहा कि विदेशी पर्यटकों को एयरपोर्ट पर ही एक किट उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें एक कार्ड दिया जा रहा है, जिस पर ‘क्या करें, क्या न करें’ बताया गया है। उन्होंने कहा कि साथ ही पर्यटकों को आगाह किया जाता है कि छोटी जगहों पर रात में अकेले न निकलें। महिला पर्यटक स्कर्ट न पहनें। बाद में जब पत्रकारों ने उनके इस जवाब को स्पष्ट करने के लिए कहा तो पर्यटन मंत्री हिचकिचा गए। उन्होंने कहा कि उनका मतलब ये था कि रात में अकेले निकलते हैं तो ध्यान करके निकलें। साथ ही भारत एक सांस्कृतिक देश है। यहां मंदिरों की अपनी एक संस्कृति है। उन्होंने कहा कि ऐसे में पर्यटकों से यह कहा जाता है कि स्थलों की मर्यादा को ध्यान में रखकर ड्रेस कोड चुनें। केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने तीसरी सुविधा विदेशी पर्यटकों को 50 रुपये का प्रीपेड कूपन देने की गिनाई। इसका इस्तेमाल वे फ्लाइट में भी कर सकते हैं।
आगरा में होने वाली समधिन से मिले डॉ महेश शर्मा
आगरा से डॉ महेश शर्मा का रिश्ता जुडने जा रहा है, वे यहां रविवार को रवि हॉस्पिटल में आईवीएफ सेंटर के शुभारंभ पर अपनी समधिन से भी मिले, उनकी बेटी की शादी रवि हॉस्पिटल के संचालक डॉ आरएम पचौरी व रजनी पचौरी के बेटे से इसी साल होने जा रही है।
(इंटरनेट फोटो)
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