आगरालीक्स… आगरा में देश भर से बाल रोग विशेषज्ञ जुटे हैं और एडोल्सेंट किशोरावस्था 9 से 18 साल पर चर्चा कर रहे हैं। मां को अपनी बेटी के पर्स में कंडोम मिलता है, स्कूल के बच्चे एचआईवी के बारे में सवाल पूछते हैं। इंडियन एकेडमी आॅफ पिडियाट्रिक्स आईएपी की एडोल्सेंट हेल्थ एकेडमी की तीन दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस शुक्रवार सुबह सेंट कॉनरेडस स्कूल से शुरू हुई।
बाल रोग विशेषज्ञों ने छात्रों और अभिभावकों से सीधे संवाद किया। विशेषज्ञों ने सेक्स एजुकेशन पर घर से लेकर स्कूल में चर्चा न होने से बच्चों पर पड रहे गलत असर को सामने रखा। उन्होंने कहा कि बच्चा अपने परिजनों से अपनी हर बात साझा करना चाहता है, लेकिन पहले वह छोटा होता है और बाद में वह बडा हो जाता है। इस बीच परिजन उसे समझते नहीं हैं। इसमें भी सेक्स को लेकर बच्चों से बात नहीं की जाती है। एक उदाहरण देते हुए विशेषज्ञों ने बताया कि एक मां को अपनी बेटी के पर्स में कंडोम मिलता है, एक पिता को अपने बेटे को गलत संगत में पडने से रोकने के लिए क्या क्या नहीं करना पडता है।
एचआईवी से कैसे बच सकते हैं
इसके बाद बाल रोग विशेषज्ञों ने छात्रों से संवाद किया। इसमें उनसे कहा गया कि अपने सवाल लिखकर दें, उसमें अपना नाम ना लिखें। कुछ बच्चों ने अपनी हाइट और शारीरिक व मानसिक विकास के बारे में सवाल पूछे। कुछ बच्चों के सवाल एचआईवी को लेकर थे, उन्होंने पूछा कि एचआईवी कैसे होता है और इससे कैसे बच सकते हैं। बच्चों को बताया गया कि असुरक्षित यौन संबंध से एचआईवी हो सकता है, इसलिए कंडोम का इस्तेमाल किया जाना चाहिए, लेकिन यह गलत है। पढने की उम्र में गलत संगत में जाने से करियर भी बर्बाद हो सकता है।
तीन दिन तक चलेगी कांफ्रेंस
आगरा में शुरू हुई आईएपी की कांफ्रेंस तीन दिन तक चलेगी, संयोजक डॉ आरएन द्विवेदी और चेयरपर्सन डॉ एनसी प्रजापति हैं। इसमें शहर के साथ ही देश भर से चिकित्सक हिस्सा ले रहे हैं।
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