आगरालीक्स……आगरा में इंसानियत इसलिए भी जिंदा है। चैन स्नेचिंग, मोबाइल फोन छीनने की घटनाएं सुनते-पढ़ते हैं लेकिन इनकी नीयत महंगे से महंगा सामान पाने पर भी नहीं डगमगाती,
आगरा में हम आए दिन चैन स्नेचिंग और मोबाइल फोन छीनने की घटनाएं सुनते-पढ़ते हैं लेकिन कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनकी नीयत महंगे से महंगे सामान को देखकर भी नहीं डगमगाती। ऐसी एक और मिसाल देखने को मिली है।

लोहामंडी के रहने वाले इकलास ई-रिक्शा चलाते हैं। वे डाॅ. नवीन गुप्ता द्वारा संचालित टीम एसओएस के सदस्य हैं। राजा की मंडी रेलवे स्टेशन से इकलास मंगलवार देर रात सवारी लेकर निकले थे। हरीपर्वत चैराहे पहुंचने पर उन्हें सड़क पर पड़ा हुआ एक मोबाइल फोन मिला। एप्पल कंपनी का यह मोबाइल फोन देखने में काफी महंगा लग रहा था। इकलास ने फोन की घंटी बजने पर इकलास की बात फोन के मालिक से हुई। यह फोन पथ्वीनाथ फाटक निवासी कौष्तुब का था। फोन पर बातचीत के बाद इकलास ने कौष्तुब से कहा कि आपका फोन मुझे हरीपर्वत चैराहे पर पड़ा हुआ मिला था। फोन सही सलामत मेरे पास है। अभी बहुत रात है तो आप सुबह राजा की मंडी रेलवे स्टेशन आकर मुझसे ले लें। इसके बाद सुबह 11 बजे राजा की मंडी रेलवे स्टेशन के बाहर आकर कौष्तुब ने अपना फोन इकलास से लिया। आटो चालक इकलास की ईमानदारी से कौष्तुब इतने खुश हुए कि उन्होंने इकलास को 1100 रूपये की सहयोग राशि भी प्रदान की।