अलीगढलीक्स …डिग्री कॉलेजों में हंगामा करने वाले 11 छात्र नेताओं को पाबंद कर दिया गया है। इसमें सपा छात्र सभा और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के नाम हैं। 11 छात्र नेताओं को धारा 107/16 के तहत एक साल के लिए 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलकों से पाबंद कर दिया है। इनमें सपा छात्र सभा एवं एबीवीपी के पदाधिकारी शामिल हैं। यह कार्रवाई करते हुए एसीएम प्रथम ने उन्हें नोटिस भेजकर शुक्रवार को न्यायालय में तलब किया है।
डीएस कॉलेज, एसबी कॉलेज आदि में प्रदर्शन हुए हैं। डीएस कॉलेज में तो जमकर हंगामा भी हुआ था। इन्हीं घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने अमित गोस्वामी, अर्जुन सिंह भोलू, सौरभ चौधरी, आदित्य पंडित, कुलदीप सिंह, निखिल माहेश्वरी, संजू बजाज, धीरज चौधरी, मुंतजिम किदवई, जियाउर्रहमान, रंजीत चौधरी को शांति भंग की आशंका के चलते पाबंद किया है। इस सिलसिले में इन छात्र नेताओं को नोटिस दिया गया है।
अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम ने आदेश दिया है कि वह सभी शुक्रवार को उनके न्यायालय में आकर 50 हजार रुपये की धनराशि की दो जमानतें और इसी धनराशि का व्यक्तिगत बंधपत्र देकर हाजिर हों। इन सभी को एक साल के लिए पाबंद किया गया है। इधर इस पर छात्र नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। छात्र नेता अमित गोस्वामी, सौरभ चौधरी आदि का कहना है कि नोटिस भेजकर प्रशासन छात्रों की आवाज दबा रहा है। इसका कानूनी तरीके से जवाब दिया जाएगा। छात्रों की समस्या उठाना यदि शांति भंग है तो वह बार बार उठाते रहेंगे। इसके लिए चाहे उन्हें जेल भी क्यों न जाना पड़े।
कॉलेज में कर रहे थे गुंडागर्दी
सपा छात्र सभा के पदाधिकारियों की गुंडागर्दी के खिलाफ छात्राओं ने मोर्चा खोल दिया है। तीन हजार छात्राओं ने सीएम अखिलेश यादव को पत्र लिखकर सपा छात्र सभा के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
डीएस कॉलेज, अलीगढ की छात्राओं का कहना है कि 1 सितंबर को सपा छात्र सभा के महानगर अध्यक्ष मुंतजिम किदवई, जिलाध्यक्ष रंजीत चौधरी एवं छात्र नेता जियाउर्रहमान दर्जनों बाहरी युवकों के साथ अचानक क्लास में पहुंचे और जमकर गुंडागर्दी की। छात्राओं के साथ छेड़खानी भी की। बेंच और दरवाजे पर पैर से ठोकर मार रहे थे। इससे भयभीत शिक्षिका एवं छात्राएं क्लास रूम से बाहर भाग गईं। वे लोग क्लास रूम में सीटी भी बजा रहे थे। उन लोगों ने इसकी शिकायत प्रॉक्टर से लिखित में की।
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