आगरालीक्स …आगरा में मौसम का मिजाज बदल गया है, सर्दी का सा माहौल बन चुका है। हवाएं चलने के साथ ही आगरा के तापमान में गिरावट आई है, मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि एक सप्ताह में ही मौसम बदल जाएगा।
आगरा में कई महीनों से तेज धूप और उमस से लोग परेशान थे। दिन के साथ ही रात में भी गर्मी लोगों को बेहाल कर रही थी। मगर, बुधवार को सुबह से ही मौसम का मिजाज बदलने लगा, बादल छाए और धूप गायब हो गई। आंधी के साथ ही तापमान में भी गिरावट आई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अब मौसम बदल जाएगा, रात में सर्दी का अहसास होगा, इसके बाद सर्दियां आ जाएंगी। इस बीच बारिश भी हो सकती है।
एसी और कूलर बंद
मौसम का मिजाज बदलते ही घरों और कार्यालयों में एसी और कूलर बंद हो गए, पंखे से ही काम चल रहा है। वहीं, घर से बाहर निकलने पर सर्द मौसम का अहसास होने लगा है।
डेंगू और चिकनगुनिया पर लगेगी रोक
सर्द मौसम के साथ ही डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप भी कम हो जाएगा, कम तापमान में डेंगू फैलाने वाला मच्छर एडीज एजिप्टाई डेंगू के वायरस से संक्रमित नहीं होगा और लार्वा भी नहीं होंगे।
आगरा में देश में सबसे ज्यादा बारिश हुई
वहीं, जुलाई महीने में बारिश के कई साल के रिकॉर्ड टूट गए हैं, अभी तक 535.6 मिमी बारिश हो चुकी है। यमुना भी उपफान पर आने लगी है, इसकी तरह की बारिश होने पर यमुना में बाढ आने के साथ शहर के हालात बिगड सकते हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, महीने के अंत तक यह 600 मिमी का आंकड़ा छू लेगी। बीते साल केवल 450 मिमी ही बारिश आगरा में हुई थी। गुरुवार को भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित आगरा में बारिश के आसार बने हुए हैं। शाम को तेज बारिश के बाद शुक्रवार तक बूंदाबांदी हो सकती है।
बुधवार को सुबह से लेकर शाम तक शहर में बारिश हुई, इस दौरान आगरा में 74.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, देश के अन्य हिस्सों में जम्मू, कटरा, में 5 सेमी, श्रीनगर, भद्रवाह, दिल्ली में चार सेमी बारिश दर्ज की गई। इस तरह आगरा में जुलाई महीने में बारिश 535.6 मिमी हो चुकी है, जबकि जुलाई में औसत 201 मिमी होती है।
तापमान में एक डिग्री का अंतर
बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। दिन में पारा चार डिग्री गिरकर 29.8 डिग्री पर आ गया तो वहीं न्यूनतम तापमान चार डिग्री बढकर 28.7 डिग्री पर आ गया। यह पहला मौका है, जब दिन और रात का पारा 28-29 डिग्री के बीच ही बना रहा, जबकि गर्मियों में यह अंतर 20 डिग्री के करीब रहता है।
1966 जैसे बन रहे हालात
इस बार 1966 जैसे हालात बन रहे हैं, तब आगरा में भारी बारिश हुई थी, बाढ आ गई थी। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जुलाई के अंत तक 600 एमएम बारिश हो सकती है, जबकि पूरे साल में आगरा में पिछले साल 450 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई थी।
आगरा सहित देश में होगी झमाझम बारिश
केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून मानसून ने दस्तक दे दी। यहां एक जून को मानसून पहुंचता है, पर इस बार नौ जून को पहुंचने का अनुमान लगाया था। अगले दो दिन में मानसून कर्नाटक और चार दिन में महाराष्ट्र तक पहुंचने की उम्मीद है। इंडियन मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (आईएमडी) के मुताबिक 15 जुलाई तक देश के सभी हिस्सों में मानसून की बारिश होने लगेगी।
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