आगरालीक्स…आगरा के साफ्टवेयर इंजीनियर की हत्या में परिजनों ने बताई चौंकाने वाली बात. 4 दिसंबर से थे गायब लेकिन
आगरा के राजपुर चुंगी स्थित गुरु गोविंद सिंह नगर निवासी साफ्टवेयर इंजीनियर अंचल तिवारी की हत्या की जांच पुलिस ने तेज कर दी है. अंचल की लाश दो दिन पहले शुक्रवार को फिरोजाबाद जिले में नहर में मिली थी तब संभावना जताई जा रही थी कि उन्होंने नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली है लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी गला दबाकर हत्या करने का मामला सामने आया है. ऐसे में पुलिस अब इस हत्याकांड की तह तक जाने के लिए इससे जुड़े सभी पहलुओं पर जांच कर रही है.
रविवार को थाना सदर पुलिस मृतक के घर पहुंची और परिजनों से जानकारी ली. अंचल की दो बहनें अनुपमा और मीनाक्षी हैं. अनुपमा बड़ी है तो मीनाक्षी छोटी. अनुपमा शास्त्रीपुरम की रहने वाली हैं लेकिन बेटे की पढ़ाई के कारण पिछले चार साल से नोएडा में रह रही हैं जबकि छोटी बहन मीनाक्षी इस समय गुरुग्राम में रहती है. अनुपमा ने बताया कि मां की पहले मौत हो चुकी जबकि डेढ़ साल पहले पिता की कोरोना काल में मौत हुई थी. तब से भाई अंचल अकेला रह रहा था. दोनों बहनें ही अंचल का हालचाल लिया करती थीं. अनुपमा ने बताया कि अंचल एक दिसंबर को उसके पास आया था और गले दिन वह छोटी बहन के पास गुरुग्राम चला गया. वहां से 4 दिसंबर को घर के लिए दोपहर को निकला था लेकिन उसके बाद से गायब हो गया.

अनुपमा ने बताया कि मां और पिता की मौत के बाद से अंचल दोनों बहनों से अक्सर कहते थे कि कुछ लोग उनके पीछे पड़े हैं लेकिन दोनों बहनों को लगा कि वह तनाव का शिकार हो गए हैं बनों ने बताया कि उन्हें लगा कि भाई को मनोचिकित्सक की जरूरत है लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने यह साबित कर दिया है कि वह तनाव में नहीं बल्कि अंचल को कुछ लोगों से जान का खतरा था लेकिन भाई ने कभी भी खुलकर हमें कोई बात नहीं बताई. अनुपमा ने बताया कि 4 दिसंबर को रात को उनकी अचंल से फोन पर बात हुई थी. उसके बाद छोटी बहन ने भी बात की थी लेकिन बाद में अंचल का फोन बंद आने लगा.
बता दें कि गुरु गोविंद सिंह नगर में रहने वाले 31 वर्षीय अंचल तिवारी चार दिसंबर की रात से गायब थे. पांच दिसंबर की शाम को उनकी कार एटा के कोतवाली देहात थाने की जाबड़ा पुलिस चौकी क्षेत्र में नहर के पास पटरी पर लावारिस हालत में खड़ी मिली थी. 6 दिसंबर को पुलिस ने कार का शीशा तोड़कर उसके अंदर रखे मोबाइल और अन्य डॉक्युमेंट के आधार पर इसकी सूचना अंचल के परिजनों को दी. चाचा राजेंद्र बाबू तिवारी ने सात दिसबर को उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई लेकिन 9 दिसंबर शुक्रवार को फिरोजाबाद क्षेत्र में नहर में उनका शव मिला.