लखनऊलीक्स… प्रदेश के राजकीय माध्यमिक स्कूलों में बदलेगा छुट्टी का तरीका, छुट्टियां होंगी ऑनलाइन। प्रधानाचार्यों के अधिकारों में कटौती, नहीं चलेगी मनमानी।
30 दिन के अवकाश डीआईओएस स्तर से

राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों व प्रवक्ताओं के 30 दिन तक के चिकित्सा, उपार्जित, बाल्य देखभाल अवकाश समेत सभी तरह के अवकाश अब डीआईओएस स्तर से दिए जाएंगे।
प्रधानाचार्य सिर्फ आकस्मिक अवकाश दे सकेंगे
प्रधानाचार्य व प्रधानाध्यापकों के पास केवल आकस्मिक अवकाश स्वीकृत करने का अधिकार होगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने छुट्टियों की व्यवस्था में संशोधन के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। ये छुट्टियां मानव संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन दी जानी हैं।
अभी तक शिक्षकों के उपरोक्त दोनों तरह के अवकाश मंजूर करने का अधिकार प्रधानाचार्य-प्रधानाध्यापक के पास था।
चालीस दिन के अवकाश को मंडलीय उप शिक्षा निदेशक की मंजूरी
40 दिन के अवकाश समेत मातृत्व, प्रसूति, गर्भपात अवकाश के लिए मंडलीय उप शिक्षा निदेशक की मंजूरी चाहिए होगी। इसके अलावा अधीनस्थ राजपत्रित वेतनक्रम में कार्यरत अधिकारियों के 30 दिन का अवकाश भी इसी स्तर से देय होगा। अभी तक यह अधिकार निदेशक के पास है।
महिला अधिकारियों के अवकाश भी मंडल पर
मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक के पास निदेशक के स्तर से देय सभी अवकाश देने का अधिकार रहेगा। महिला शिक्षकों के बाल्य देखभाल अवकाश, 30 दिन से ऊपर 90 दिन तक का चिकित्सकीय अवकाश, 30 दिन से ऊपर 60 दिन तक का उपार्जित अवकाश, अधीनस्थ राजपत्रित महिला अधिकारियों के 30 दिन से अधिक का बाल्य देखभाल अवकाश आदि का जिम्मा भी मंडलीय अधिकारी को दिया जाएगा। नई व्यवस्था में निदेशक के पास अवकाश मंजूर करने का अधिकार नहीं होगा।