आगरालीक्स…आगरा सहित देश भर में 30 फीसद लोग फैटी लीवर से पीड़ित, आगे चलकर डायबिटीज, हार्ट डिजीज, कैंसर, स्ट्रोक और किडनी की बीमारियां बन सकती हैं, केवल एल्कोहल ही नहीं है कारण, इस मेडिकल कंडीशन के बारे में जानें डाॅ. दिनेश गर्ग से.
एक मेडिकल कंडीशन है, जिससे लगभग पूरा आगरा परेशान है। आगरा गैस्ट्रो लीवर सेंटर पर सबसे ज्यादा इस समस्या से पीड़ित लोग पहुंच रहे हैं। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि 100 में से 30 फीसद लोग फैटी लीवर के शिकार हैं। हालांकि अधिकतर लोग सिर्फ शराब को ही इसका कारण समझते हैं लेकिन एल्कोहलिक और नाॅन एल्कोहलिक दोनों ही वजह हो सकती हैं।

आगरा गैस्ट्रो लीवर सेंटर के सीनियर गैस्ट्रोएंटरोलाॅजिस्ट डाॅ. दिनेश गर्ग ने बताया कि आगरा में फैटी लीवर की समस्या एक महामारी के रूप में सामने आ रही है। इसकी वजह से आगे चलकर डायबिटीज, हार्ट डिजीज, कैंसर, स्ट्रोक और किडनी की बीमारियां हो सकती हैं। एक अध्ययन के मुताबिक भारत में नौ में से 09 में से 30 प्रतिशत लोगों को नाॅन एल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज हो सकती है। हालांकि यह एक साइलेंट बीमारी है। इसके लक्षण शुरूआत में नजर नहीं आते लेकिन आगे चलकर समस्या बढ़ने लगती है। शुरूआत में अगर पहचान कर ली जाए तो सही इलाज मिल जाता है और ठीक हो सकते हैं, लेकिन नजर अंदाज करने पर बात बिगड़ सकती है।
डाॅ. दिनेश बताते हैं कि वर्तमान समय में भारत में दो लाख लीवर ट्रांसप्लांट की जरूरत है लेकिन हम सिर्फ ढाई हजार लीवर ट्रांसप्लांट कर पा रहे हैं। यह जरूरत का सिर्फ एक से दो फीसद ही है। फैटी लीवर की समस्या पर अगर आप शुरूआत से ध्यान नहीं देते हैं, जरूरी जांचें नहीं कराते हैं, डाॅक्टर को नहीं दिखाते हैं, जरूरी दवाएं लेना शुरू नहीं करते हैं, परहेज नहीं करते हैं तो यह समस्या बहुत बढ़ जाती है और बात लीवर ट्रंासप्लांट तक भी पहुंच जाती है, जो बिलकुल भी आसान नहीं है।
फैटी लीवर के लक्षण
- फैटी लीवर की समस्या में पेट के उपर दाहिनी ओर दर्द होता है।
- भूख कम होने लगती है और वजन भी तेजी से गिरता है
- आंखों का रंग पीला होने लगता है
- पैरों मेें हल्की सूजन बनी रहती है
- हर वक्त
थकान और कमजोरी का अहसास होता है
फैटी लीवर का इलाज
- शरीर में इनमें से कोई भी लक्षण ज्यादा दिनों तक रहे तो तुरंत डाॅक्टर को दिखाएं
- जरूरी दवाओं का सेवन करें साथ ही खानपान में परहेज करें
- अगर आप शराब का सेवन करते हैं तो तुरंत छोड़ दें वरना परेशानी और बढ़ सकती है
- वजन ज्यादा है तो व्यायाम और डाइट से नियंत्रित करें
- बैलेंस डाइट लें, तला-भुना और मसालेदार खाना न खाएं