आगरालीक्स…आगरा में ‘द टीबी चैलेंज- टीबी हारेगा देश जीतेगा’ अभियान. 10 महिला टीबी मरीजों को दी गई निशुल्क पोषण पोटली.. जागरूक किया गया…
डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो 90.4 आगरा की आवाज़ और स्मार्ट संस्था द्वारा अभियान ‘द टीबी चैलेंज- ‘टीबी हारेगा देश जीतेगा’ के सहयोग में अब शहर के प्रबुद्धजन सहयोग में आगे आये। आज विश्विद्यालय के सामुदायिक रेडियो के सहयोग में शहर के कई लोग आगे आ रहे हैं, जिनमें सबसे पहले श्री बांके बिहारी एजुकेशनल सोसाइटी (NGO) आगरा ने 10 महिला टीबी मरीज़ो को अपनी संस्था द्वारा निःशुल्क पोषण पोटली प्रदान की गई। संस्था की ओर से संरक्षक महंत गौरव गिरी, संस्थापक अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन शर्मा, सदस्य दीपक गुप्ता,अनुराग सिंह ने ये पोषण से भरपूर खाद्य सामग्री वितरित की।
कार्यक्रम अधिशासी और विश्विद्यालय जनसंपर्क अधिकारी पूजा सक्सेना और रेडियो इंजीनियर तरुण श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का सामुदायिक रेडियो स्टेशन 90.4 “आगरा की आवाज़” कुलपति प्रो. आशु रानी के निर्देशन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी आगरा डॉ. अरुण श्रीवास्तव और ज़िला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सीएल यादव के दिशा निर्देश अनुसार लगातार कई वर्षों से आगरा स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर चाहे कोविड हो, टीबी, नियमित टीकाकरण या पोषण सभी विषयों पर समाज मे स्वास्थ्य के प्रति लोगो को जागरूक और सचेत करने का कार्य ये सामुदायिक रेडियो कर रहा हैं। ज़िला टीबी विभाग से जिला टीबी समन्वयक कमल सिंह, सामुदायिक रेडियो की निदेशिका प्रो. अर्चना सिंह ने इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया और उपस्थित रहे।
सामुदायिक रेडियो (स्मार्ट संस्था), जिला स्वास्थ्य समिति और विभाग द्वारा इस प्रोजेक्ट के मुख्या सन्देश रहेंगे:-
- टीबी और टीबी के लक्षणों के बारे में जागरूकता।
- अपने समुदाय में टीबी परीक्षण बढ़ाने की ज़रूरत और उनके केंद्र के बारे में जानकारी।
- टीबी के इलाज़ की प्रक्रिया एवं आवश्यकता।
- टीबी मरीज़ को पोर्टल पर पंजीकरण कराने की जरूरत।
- निक्षय पोषण योजना के बारे में जानकारी और इसमें टीबी रोगियों का अधिक पंजीकरण।
- टोल फ़्री नम्बर का प्रचार प्रसार।
- 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने के लिए- TB केस को 90% दर से कम लाना।
- TB द्वारा मौत को 99% से कम लाना।
नोट
जनपद आगरा में प्रति वर्ष ठीक हुए मरीजों (सफलता) का प्रतिशत 90% से ऊपर ही रहा है।