आगरालीक्स…आगरा में हाइवे पर एक्सीडेंट के 12 ब्लैक स्पॉट. यहां हर समय रहता है जान का खतरा…
आगरा में हर रोज एक्सीडेंट की खबरे सामने आ रही हैं. मंगलवार को आईएसबीटी पर एक्टिवा सवार कारोबारी की दर्दनाक मौत को जिसने भी देखा उसकी रूह कांप गई. शहर में बड़े वाहन न प्रवेश करें इसके लिए एत्मादपुर से लेकर रुनकता से कई फ्लाईओवर बनाए गए हैं. लेकिन इसके बावजूद हादसे लगातार हो रहे हैं. एत्मादपुर से रुनकता तक हाइवे 12 ब्लैक स्पॉट हैं, जहां हर समय जान का खतरा बना हुआ होता है और इन स्थानों पर अक्सर एक्सीडेंट की खबरें भी सामने आती रहती हैं.
एत्मादपुर का बरहन चौराहा, कुबेरपुर फ्लाईओवर, यमुना एक्सप्रेस वे कट, झरना नाला, मंडी समिति, ट्रांसयमुना में गोयल अस्पताल कट, रामबाग फ्लाईओवर से नीचे जवाहरपुल की ओर वाला कट, भगवान टाकीज फ्लाईओवर से अबु उलाह दरगाह कट, खंदारी फ्लाईओवर से ट्रांसपोर्ट नगर को जाने वाला कट, आईएसबीटी, गुरु का ताल गुरुद्वारा मोड़, सिकंदरा तिराहा.

फ्लाईओवर से तेजी से नीचे उतरते हैं वाहन
आगरा में बड़े वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से न हो इसके लिए फ्लाईओवर बनाए गए हैं. बावजूद इसके एक्सीडेंट होते रहते हैं. इसका एक बड़ा कारण वाहनों की स्पीड भी है. फ्लाईओवर से जब भी कोई वाहन नीचे की ओर उतरता है तो वह काफी स्पीड में होता है, ऐसे में सर्विस रोड से हाइवे के मुख्य रोड पर जाने वाले छोटे वाहनों के साथ एक्सीडेंट का खतरा सबसे अधिक बना रहता है. इसके अलावा गलत दिशा में जाना भी एक्सीडेंट का कारण बनता है. उदाहरण के तौर पर जैसे खंदारी फ्लाईओवर से ट्रांसपोर्ट नगर की ओर जाने वाले बड़े वाहन तेजी से निकलते हैं. अगर किसी वाहन को फ्लाईओवर से सर्विस रोड पर जाना है तो वह फ्लाईओवर से उतरकर सर्विस रोड के कट से होकर जाता है, लेकिन इस कट पर सर्विस रोड से दिन भर दोपहिया व चार पहिया वाहन चालक अपने वाहनों को यूटर्न करके हाइवे पर आईएसबीटी वाले फ्लाईओवर पर चढ़ाने लग जाते हैं जिससे खंदारी फ्लाईओवर से नीचे आने वाले वाहनों के साथ इनके एक्सीडेंट होने का खतरा बना रहता है.
इसके अलावा गुरुद्वारा गुरु का ताल चौराहे पर भी हर समय हादसे की संभावना बनी रहती है. इसका कारण है वाहन चालकों का गलत दिशा में जाना. गुरु का ताल चौराहा से सिकंदरा तक करीब 2 से ढाई किलोमीटर तक कोई भी कट नहीं है, ऐसे में आईएसबीटी से आने वाले वाहनों को अगर केके नगर, पीपी नगर या रेनबो, शांतिवेद आदि हास्पिटल की ओर जाना है तो वह अपने वाहन को गुरु का ताल चौराहा से ही गलत दिशा में सर्विस रोड पर ले जाता है. यहां की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों ने कामायनी कट को दोबारा खोलने की मांग भी की है जिससे लोगों को गलत दिशा में न जाना पड़े, लेकिन ढाई किलोमीटर तक कोई कट न होने से लोग गलत दिशा में अपने वाहनों को दौड़ाते हैं.