आगरालीक्स… होली पर घर और व्यावसायिक क्षेत्र की सारी नकारात्मक उर्जा समाप्त करने के कुछ सरल उपाय। माता रानी महालक्ष्मी का स्थायी निवास भी सम्भव हो पाता है।
ज्योतिषाचार्य की राय

गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार के ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा कुछ उपाय बता रहे हैं वह इस प्रकार अपनाएं।
होली की अग्नि के दीपक से उपाय
🔥 आपके निवास के पास जब होली जल जाए तब आप होली की थोड़ी सी अग्नि लाकर अपने निवास व व्यवसाय स्थल के बाहर आग्नेय कोण की ओर उस अग्नि की सहायता से एक सरसों के तेल का दीपक जला दें। इस दीपक की मदद से एक दूसरा दीपक जलाएं और मुख्य द्वार के बाहर रख दें। जब दीपक जल कर ठंडा हो जाये तो इसे किसी चौराहे पर जाकर फोड़ दे और बिना पीछे देखे सीधे घर आ जाये। अंदर आने से पहले अपने हाथ पांव अवश्य धो लें। इस उपाय के प्रभाव से आपके निवास एवं व्यवसाय की सारी नकारत्मक उर्जा जलकर समाप्त हो जाएगी
मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना इस तरह से करें
🔥 आप होली की रात्रि में होलिका दहन से पहले अपने घर अथवा व्यवसाय के मंदिर में माँ लक्ष्मी को रोली व गुलाल मिलाकर तिलक करें। शुद्ध घी का दीपक, धूप बत्ती दिखाने के बाद पीले रंग का भोग अर्पण करें इसके बाद माँ के चरणों मे पीला गुलाल व ३ गौमती चक्र अभिमंत्रित करने के बाद अर्पित करें। माँ के सामने लाल अथवा सफेद ऊनि आसान पर बैठकर कमलगट्टे की माला से ५ माला “(श्रीं ह्रीं श्रीं कमलवासिन्यै नमोस्तुते)” का जाप करें जाप के बाद पृथ्वी पर जल छोड़े उसे माथे पर लगाकर उठ जाए। अब अगले दिन माँ के चरणों से गौमती चक्र और पीला गुलाल उठाकर एक लाल वस्त्र मे बांधकर घर के शुद्ध स्थान पर रख दें। इस उपाय से माँ लक्ष्मी के चरण एक वर्ष आपके घर मे रहेंगे ऐसी आस्था रखें अगले वर्ष पुनः इस उपाय को करने से पहले पुरानी पोटली को होलिनसे एक दिन पहले धूप दीप दिखाकर बहते जल में प्रवाहित कर दें। इस प्रयोग को प्रत्येक वर्ष होली पर अवश्य करें।
व्यवसाय में सफलता को यह उपाय करें
🏵 यदि आपको लगता है कि आपको मेहनत के अनुसार आय नही मिल रही है तथा निवास – व्यवसाय में कोई नकारात्मक ऊर्जा है अथवा किसी नजर के प्रभाव से हानि उठानी पड़ रही है तो आप होली जलने से पहले होलिकादहन वाले स्थान पर रात्रि के समय उस जमीन की पश्चिम दिशा में छोटा गड्ढा कर ४ बड़ी कीलें दबा दें किलो के ऊपर ११ लौंग रख हरा गुलाल भरने के बाद ऊपर से मिट्टी से ढक दें। जब होलिकादहन का समय हो तब एक पान पत्ते पर ५ बताशे, एक छोटी कील, एक लौंग का जोड़ा, कुछ काले तिल व पीली सरसों रखकर एक अन्य दूसरे पान के पत्ते से ढक दें। उस पान के पत्ते पर सात बताशे रखें इसके बाद परिक्रमा आरम्भ करें। प्रत्येक परिक्रमा की समाप्ति पर एक बताशा होलिका में अर्पित करते जाए सात परिक्रमा पूर्ण होने पर अंतिम परिक्रमा में पान के पत्ते पर रखी सामग्री भी होलिका में अर्पित कर प्रणाम कर आ जाएं। होली की मध्यरात्रि में शरीर शुद्धि के बाद मा लक्ष्मी को गुलाल से तिलक कर धूप, दीप, भोग अर्पण कर लाल आसन पर बैठ कर कमलगट्टे की माला से (श्रीं ह्रीं श्रीं लक्ष्मीनारायण नमोस्तुते) निम्न मंत्र का कम से कम ५ माला जप करें जप के बाद धरती पर जल छोड़ उसे सर से लगा कर उठ जाए। अगके दिन आप होलिकादहन स्थान पर जाकर गड्ढे से चारो कीले निकाल कर अपने निवास अथवा व्यवसाय के चारो कोनो में बाहर की ओर एक-एक कील ठोक दें इसके प्रभाव से आपका निवास एवं व्यवसाय नकारात्मक ऊर्जा के प्रबहव से बचा रहेगा