आगरालीक्स….. म्यूनिसिपल कारपोरेशन आफ आगरा (यानी एमसीए) के चुनाव में मेयर की सीट का आरक्षण क्या हो सकता है, जानें आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल मई में हो सकते हैं .नगर निगम के चुनाव। सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को पेश की जा सकती है।
पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट को कैबिनेट में मंजूरी मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट में पेश की जाएगी। प्रदेश सरकार अप्रैल मई में निकाय चुनाव कराने के लिए कह चुकी है, ऐसे में नगर निगम चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई हैं। मेयर से लेकर पालिका परिषद के अध्यक्षों सहित पार्षद का आरक्षण दोबारा से निर्धारित किया जाएगा।

आगरा में मेयर की सीट पिछड़ा वर्ग के लिए नहीं हुई आरक्षित
नगर निगम आगरा में 1989 में पहली बार मेयर का चुनाव हुआ था, तब सामान्य सीट थी, तब से अब तक 34 वर्ष में एक भी बार मेयर की सीट पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित नहीं हुई है। मेयर की सीट अनुसूचित जाति के लिए सबसे ज्यादा आरक्षित हुई है, ऐसे में मेयर की सीट का आरक्षण बदल सकता है। 2022 में मेयर की सीट अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित की गई थी। इसी तरह से 100 वार्ड का आरक्षण भी जारी हुआ था इसमें भी बदलाव हो सकता है।
आगरा के मेयर की सीट का आरक्षण
1989 सामान्य सीट रमेशकांत लवानियां भाजपा
1995 अनुसूचित जाति महिला बेबीरानी मौर्य भाजपा
2000 अनुसूचित जाति किशोरी लाल माहौर भाजपा
2006 अनुसूचित जाति महिला महिला अंजुला सिंह माहौर भाजपा
2012 अनुसूचित जाति इंद्रजीत आर्य भाजपा
2017 सामान्य नवीन जैन भाजपा
2022 अनुसूचित जाति महिला के लिए सीट आरक्षित की गई
100 वार्ड का आरक्षण
महिला 18
अनुसूचित जाति महिला 08
पिछड़ा वर्ग महिला 08
पिछड़ा वर्ग 14
अनुसूचित जाति 16
अनारक्षित 36