आगरालीक्स…अब जीएसटी छापेमारी के दौरान नहीं होगा व्यापारियों का उत्पीड़न, बॉडी वार्न कैमरा लगाकर छापेमारी करेंगे GST अधिकारी. जारी हुए सख्त आदेश
अब यूपी में जीएसटी छापेमारी के दौरान व्यापारियों का उत्पीड़न नहीं होगा. ऐसी शिकायतें आती रहीं है कि छापेमारी के दौरान प्रवर्तन इकाइयों के अधिकारियों व कर्मचारियों के द्वारा व्यापारी का उत्पीड़न किया जाता है और उनके साथ गलत आचरण किया जाता है. ऐसे में राज्य कर आयुक्त मिनिस्ती एस ने प्रवर्तन इकाइयों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जांच के दौरान प्रवर्तन अधिकारियों को जेब पर बॉडी वार्न कैमरे लगाने होंगे. अगर छापेमारी के दौरान व्यापारी के उत्पीड़न की शिकायत सही पाई जाती है तो अफसरों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा. आगरा की सीए प्रार्थना जालान ने इन आदेशों को महत्वपूर्ण बताया है और व्यापारियों के लिए राहत देने वाला है.

उत्तर प्रदेश माल एवं सेवाकर अधिनियम 2017 की धारा 67 के प्रावधानों के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में कार्यरत प्रवर्तन इकाइयों द्वारा व्यापार स्थल की जांच के दौरान व्यापारियों का उत्पीड़न न होने पाये के संबंध में मुख्यालय द्वारा समय—समय पर दिशा निर्देश जारी किए गए हैं. लेकिन मुख्यालय स्तर पर विभिन्न माध्यमों से यह संज्ञान में आया है कि प्रवर्तन इकाइयों में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा व्यापार स्थल के निरीक्षण और तलाशी के दौरान व्यापारियों के साथ अपने कार्य एवं व्यवहार तथा आचरण को संयमित नहीं रखा जाता है. अधिकारियों द्वारा अधैर्य का परिचय दिया जाता है जो कि विभागीय गरिमा के अनुकूल नहीं है.
इस संबंध में उत्तर प्रदेश राज्य कर आयुक्त मिनिस्ती एस द्वारा निर्देशित किया गया है कि प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा जांच के दौरान प्रत्येक दशा में बॉडीवॉर्न कैमरों का उपयोग किा जाए तथा व्यापारियों के साथ अपने कार्य एवं व्यवहार तथा आचरण को संयमित रखते हुए कानूनी प्रक्रियाओं का अनुपालन किया जाए. उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि व्यापार स्थल पर जांच के नाम पर किसी भी व्यापारी का उत्पीड़न न हो. यदि जांच में किसी व्यापारी के उत्पीड़न तथा अधिकारी व कर्मचारी के असंयमित आचरण की शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित प्रवर्तन इकाई के अधिकारियों एवं उनके नियंत्रक अधिकारी के विरुद्ध प्रतिकूल दृष्टिकोण अपनाया जाएगा.