आगरालीक्स ….आज सिजोफ्रेनिया दिवस है, इस बीमारी में 20 की उम्र के बाद लक्षण आने लग जाते हैं। सिजोफ्रेनिया से पीड़ित मरीजों की अपनी एक काल्पनिक दुनिया होती है। जानें बीमारी के बारे में।

सिजोफ्रेनिया के लक्षण, बीमारी और इलाज को लेकर अभी भी काम चल रहा है। इस बीमारी का पता लगाना आसान नहीं हैं क्योंकि इस बीमारी से पीड़ित मरीजों में अलग अलग लक्षण होते हैं। ऐसा नहीं है कि एक ही तरह के लक्षण हों जिससे बीमारी का पता लगाया जा सके।
काल्पनिक दुनिया से देवीय शक्ति होने का भ्रम
इस बीमारी से पीड़ित मरीजों की अपनी काल्पनिक दुनिया होती है। वे धीरे धीरे समाज से हटते जाते हैं, ज्यादा भावुक होते हैं किसी से घुलते मिलते नहीं हैं। कुछ मरीज डर और दहशत में रहते हैं कि उनके साथ कुछ गलत हो सकता है। कुछ मरीज खुद को बहुत अमीर समझते हैं। इस बीमारी से पीड़ित कई मरीजों को खुद पर देवीय शक्ति होने का भ्रम होता है।
दवाओं से बीमारी हो रही कंट्रोल
सिजोफ्रेनिया की बीमारी दवाओं से कंट्रोल हो रही है। इस बीमारी से पीड़ित मरीजों का इलाज जरूर कराना चाहिए।