आगरालीक्स ..(12th June 2023).आगरा में ब्वायफ्रेंड को बचाने के लिए कारोबारी की बेटी ने अपनी ही मां की हत्या करवा दी, मोबाइल से खुला राज, 11 वीं की छात्रा कारोबारी की बेटी को मां की हत्या की साजिश में भेजा किशोर गृह.
आगरा के शास्त्रीपुरम स्थित भावना एरोमा निवासी कारोबारी उदित बजाज की पत्नी अंजलि बजाज की हत्या के आरोप में उनकी 15 साल की नाबालिग बेटी, उसके ब्वायफ्रेंड प्रखर गुप्ता और प्रखर के साथी शीलू को अरेस्ट कर लिया है। रविवार को प्रेसवार्ता में डीसीपी विकास कुमार ने बताया कि अंजलि बजाज की हत्या की साजिश उनकी नाबालिक बेटी ने ब्वायफ्रेंड प्रखर गुप्ता और प्रखर गुप्ता के दोस्त शीलू के साथ मिलकर रची थी। प्रखर गुप्ता और उसके साथी शीलू को पुलिस ने अरेस्ट कर रविवार को जेल भेज दिया था। कारोबारी की बेटी को मां की हत्या की साजिश में शामिल होने पर किशोर संप्रेक्षण गृह, मलपुरा भेज दिया गया।
मोबाइल से खुला राज, ब्वायफ्रेंड को बचाने के लिए की हत्या
कारोबारी उदित बजाज की बेटी एक प्रतिष्ठित स्कूल की 11 वीं की छात्रा है, छह महीने पहले प्रखर की उससे दोस्ती हुई, इसके बाद वह उसके घर भी आया, कुछ दिन पहले अंजलि ने बेटी के मोबाइल में प्रखर के साथ उसके फोटो देख लिए। प्रखर के घर आने और अपनी बेटी के साथ संबंध होने की जानकारी अंजलि को हो गई थी। अंजलि ने कहा था कि वह प्रखर को जेल भिजवाकर मानेगी। इसके बाद छात्रा ने प्रखर के साथ मिलकर मां अंजलि को रास्ते से हटाने की साजिश रची। वारदात को इस तरह अंजाम देना चाहते थे कि कोई पकड़ा न जाए। इसके लिए वाटस एप मैसेज का इस्तेमाल किया और मैसेज डिलीट भी कर दिए गए।
इस तरह की वारदात
बुधवार यानी सात जून प्रखर गुप्ता ने को छात्रा का वाटसएप नंबर अपने मोबाइल पर लेने के बाद मैसेज किया, उसकी मां को वनखंडी मंदिर सिकंदरा बुलाया। अंजलि मैसेज को अपनी बेटी का समझ कर उदित के साथ वनखंडी मंदिर पहुंचे, तभी उदित के पास मैसेज आया कि गुरु द्वारा गुरु के ताल पर आ जाएं, वह अंजलि को वनखंडी मंदिर पर ही छोड़कर कार से गुरु द्वारा गुरु के ताल पर पहुंचे। वनखंडी मंदिर पर प्रखर गुप्ता ने अंजलि को पकड़ लिया और उसके साथी शीलू ने चाकू से पेट और हाथ पर ताबड़तोड़ बार कर अंजलि की हत्या कर दी।
उधर, उदित ने बेटी को फोन किया कहा कि उनका एक्सीडेंट हो गया है इससे उनकी बेटी घबराकर घर पहुंच गई, उसने पिता उदित को फोन कर कहा कि वह घर आ गई है, इस पर उदित गुरु द्वारा गुरु के ताल से लौट गए और वनखंडी मंदिर अंजलि को लेने पहुंचा लेकिन अंजलि वहां नहीं थी।