आगरालीक्स…आगरा में एक चार साल का बच्चा एक सप्ताह से अपनी मां का इंतजार कर रहा है. रोते—रोते सोता है और जागते ही फिर से भीग जाती हैं आंखें…पढ़ें एक मासूम के दर्द की ये खबर
एक सप्ताह हो गया है उन नन्हीं आखों को अपनी मां का इंतजार करते हुए, लेकिन मां अभी तक नहीं आई है. पूरा दिन रोते हुए इंतजार में बीत जाता है और फिर थककर सो जाता है. लेकिन जागते ही फिर से आंखें मां की तलाश और उसके इंतजार में भीग उठती हैं. हम बात कर रहे हैं एक चार साल के मासूम बच्चे की जो इस समय आगरा के शिशु गृह में है.
घटना एक जुलाई की है. ताजमहल की बंदी के वक्त सीआईएसएफ को एक चार साल का बच्चा रोता हुआ सेंट्रल टैंक के पास पाथवे पर मिला. बच्चा न तो अपना नाम बता पा रहा है और न ही पता. सीआईएसएफ ने देर शाम तक परिजनों का इंतजार किया लेकिन जब परिजन नहीं आए तो एएसआई कर्मियों ने बच्चे को ताजगंज पुलिस को सौंप दिया. पुलिस ने भी लाख कोशिशें की, हर तरह से बच्चे के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली. इधर बच्चा लगातार रोए जा रहा था जिसे देखकर पुलिस कर्मियों का भी कलेजा पसीज गया. जब परिजनों का पता नहीं चला तो बच्चे को शिशु गृह भेज दिया गया है. पुलिसकर्मी भी हैरान है कि बच्चें को तलाशने के लिए अभी तक उसके परिजन क्यों नहीं आए हैं. बच्चा शिशु गृह में है लेकिन उसकी रोती हुई आंखें हर वक्त अपनी मां को तलाश कर रही हैं.

सीसीटीवी में बच्चे के साथ दिखे महिला पुरुष
इधर जब बच्चे के परिजनों के बारे में कुछ पता नहीं चला तो एएसआई ने एक सप्ताह पुरानी ताजमहल की सीसीटीवी फुटेज खंगाली. जांच में पता चला है कि एक महिला व पुरुष बच्चे को लेकर ताजमहल में प्रवेश करते हैं. महिला बुर्का पहने थी. लेकिन बाद के फुटेज में दोनेां महिला पुरुष बच्चे को सेंट्रल टैंक पर बैठाकर तेज कदमों से बाहर की ओर निकल रहे हैं. बच्चे को छोड़ने के बाद महिला ने अपना बुर्का उतारकर उसी पॉलीथिन में रखा जो साथ चल रहे पुरुष के हाथ में थी. इस मामले में पुतिलस का कहना है कि बच्चे को ताजमहल पर छोड़कर जाने वाले महिला पुरुष सीसीटीवी कैमदे में कैद हो गए हैं. दोनों की तलाश की जा रही है.