आगरालीक्स…अपनी मां की पूजा न कर सको तो उसे अपने कमरे की झाडू वाली भी मत बनाना. मां देवी है तो पिता देवता.
आगरा के हरीपर्वत स्थित श्री 1008 शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर के अमृत सुधा सभागार में निर्यापक मुनिपुगंव श्री सुधासागर जी महाराज ने मंगल प्रवचन को संबोधित करते हुए कहा कि जब व्यक्ति बहुत कुछ पाना चाहता है या कुछ जरूरी वस्तुओं को चाहता है, उसके बिना जब उसका काम नही चलता तो उसकी इच्छा होती है मैं दूसरों का सहारा ले लूँ। पैर टूट गया है तो बोकर लेना पड़ेगा, बुढापा आ गया है तो लाठी लेनी पड़ेगी, भूख लगी तो रोटी खाने पड़ेगी। असमर्थ हो तो किसी का सहारा लेना पड़ेगा और हर व्यक्ति चाहता है मुझे किसी का सहारा न लेना पड़े। बस यही भावना बेटों में आ जाये कि मुझे जिंदगी में कभी माँ-बाप का सहारा न लेना पड़े तो महानुभाव बहुत बड़ी शक्ति तुम्हारे पास प्रकट होगी। पुण्यात्मा तो वो है जिन्हें माँ-बाप से सेवा न कराना पड़े। जब जब बड़ों से हमें अपनी सेवा करानी पड़े, बड़ों का सहारा लेना पड़े, बड़े हमारा कार्य करें तो महानुभाव संसार के तुम सबसे बड़े पापी हो।
मुनिश्री ने कहा बहुओ सुनो भावना करो कि कभी सासु मेरे लिए रसोई में न जाए। दूसरा तरीका है कि विचार करो कि मेरे पापकर्म का उदय है जो सासु मेरे लिए चाय बनाकर लाई है, सासु ने मेरे लिए पानी भरकर लाई है। पूज्यनीय की सेवा करना है या पूज्यनीय से सेवा करवाना है। तुम्हारे कमरे की झाड़ू तुम्हारी माँ नही लगा देवे, पूज्यनीय माँ की यदि पूजा न कर सको तो उसको झाड़ू वाली मत बना देना, वो तुम्हारे मन्दिर रूपी घर की देवी है और पिता घर का देवता है। इन देवता के कमरे में सबसे पहले उठकर के आपको अपनी माँ के कमरे में झाड़ू लगाना चाहिए। ये मानकर के ये मेरे घर के देवता का मंदिर है। शिष्य इसलिए नही बनना कि गुरु हमारी हर इच्छा पूर्ण करे शिष्य इसलिए बनना है कि हम गुरु की हर इच्छा को पूर्ण करे।

धर्म सभा का शुभारंभ छोटी-छोटी बालिकाओं ने भक्ति गीत पर बहुत सुंदर नृत्य कर मंगलाचरण की प्रस्तुति के साथ हुआ| इसके लिए सौभाग्य शाली भक्तों ने संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर जी महाराज के चित्र का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन किया,साथ ही मुनिश्री को शास्त्र भेंटकर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान श्री दिगंबर जैन धर्म प्रभावना समिति एव आगरा दिगंबर जैन परिषद के द्वारा एवं बाहर से आए हुए गुरुभक्तों ने गुरुदेव के चरणों में श्रीफल भेंट किया। धर्मसभा का संचालन मनोज जैन बाकलीवाल द्वारा किया। धर्मसभा में प्रदीप जैन पीएनसी,निर्मल मोठ्या,मनोज जैन बाकलीवाल नीरज जैन जिनवाणी,पन्नालाल बैनाड़ा,हीरालाल बैनाड़ा,जगदीश प्रसाद जैन,राजेश जैन,ललित जैन,मीडिया प्रभारी आशीष जैन मोनू,मीडिया प्रभारी शुभम जैन, राजेश सेठी,शैलेन्द्र जैन, राहुल जैन,विवेक बैनाड़ा,अमित जैन बॉबी,पंकज जैन,मुकेश जैन अनिल जैन शास्त्री,रूपेश जैन, केके जैन,सचिन जैन,दिलीप कुमार जैन,अंकेश जैन,सचिन जैन,समस्त सकल जैन समाज आगरा के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।