आगरालीक्स … आगरा कॉलेज के नए प्राचार्य डॉ एके गुप्ता ने चार्ज संभाल लिया, चार्ज लेते ही दर्द फूटा, उन्होंने कहा कि सत्ता के दबाव में एक दिन बाद ही चार्ज नरेंद्र यादव को दे दिया था। वहीं, प्राचार्य की कुर्सी जाते ही नरेंद्र सिंह हाईकोर्ट में याचिका दायर करने चले गए हैं। इसके चलते मंगलवार को आगरा कॉलेज के रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ एके गुप्ता को चार्ज लेने में समय लगा। भाजपाई खेमे के शिक्षकों ने दबाव बनाया, आगरा कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष कमिश्नर ने कुलपति डॉ अरविंद दीक्षित के निर्णय पर मुहर लगाई। नरेंद्र सिंह के न होने पर उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ टीवीएस यादव को आगरा कॉलेज भेजा गया, उन्होंने डॉ एके गुप्ता को चार्ज दिलावाया। पूर्व प्राचार्य डॉ मनोज रावत ने भी सपा सरकार में गलत तरीके से नरेंद्र सिंह को प्राचार्य बनाए जाने के आरोप लगाए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 10 अगस्त को डॉ. मनोज रावत ने वरिष्ठ शिक्षक डॉ. एके गुप्ता को प्राचार्य का चार्ज सौंपा था। मगर, अगले ही दिन विवाद हो गया। मंडलायुक्त चंद्रकांत ने उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. टीवीएस यादव की रिपोर्ट के बाद आगरा कॉलेज में शारीरिक शिक्षा विभाग के नरेंद्र सिंह को प्राचार्य बना दिया था। इस पर प्राचार्य पद के दावेदार डॉ. एके गुप्ता, डॉ. वीके माहेश्वरी और डॉ. रेखा पतसरिया ने सत्ता की हनक में गलत तरीके से प्राचार्य नियुक्त किए जाने के आरोप लगाए थे। मगर, उनकी शिकायत को अनसुना कर दिया गया।
कुलपति ने सरकार बदलते ही दिखाए तेवर
इस मामले में आगरा कॉलेज के सेवानिवृत्त शिक्षक डीपी शर्मा की याचिका पर हाईकोर्ट ने कुलपति को प्राचार्य पद पर फैसला लेने के निर्देश दिए थे। कुलपति ने 17 मार्च को कार्यवाहक प्राचार्य नरेंद्र सिंह का पक्ष सुना। इसके बाद आगरा कॉलेज के रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. एके गुप्ता को कार्यवाहक प्राचार्य बनाने की संस्तुति की है। इसमें कॉलेज द्वारा निर्धारित की गई उनकी वरिष्ठता, शैक्षिक दस्तावेज और एपीआइ स्कोर को देखने के बाद निर्णय लिया है। सोमवार रात को ही याचिकाकर्ता डीपी शर्मा, डॉ. एके गुप्ता सहित आगरा कॉलेज की प्रबंध समिति के अध्यक्ष और मंडलायुक्त चंद्रकांत को इस निर्णय से संबंधित पत्र भेज दिए।
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