आगरालीक्स…. आगरा की पॉश कॉलोनी में लूट करने आए बदमाश कह रहे थे मेरी मां को कैंसर है, इसलिए लूट कर रहा हूं और 10 मिनट में 35 लाख की लूट कर ले गए .
आगरा के शमसाबादा के बांगुरी गांव निवासी योगराज परिहार और उनके भाई राजेश परिहार के शमसाबाद में पिता भानू प्रताप सिंह और मा शांति देवी के नाम से दो-दो कालेज हैं। एक कोल्ड स्टोरेज भी है। विभव नगर की अजंता कालोनी में उनकी कोठी है। मंगलवार को योगराज कोल्ड स्टोरेज और कालेज के काम से शमसाबाद में थे। राजेश बहन रीना और शीला के साथ बीमे के काम से संजय प्लेस गए थे। दोनों बहनें दिल्ली स्थित ससुराल से मायके आई हुई हैं। राजेश की पत्नी मिथलेश पिता के निधन के चलते ग्वालियर स्थित मायके में गई हुई थीं। घर पर योगराज की पत्नी अनिता, बेटा अर्जुन (पांच), बेटी रिद्दिमा (आठ) और अराध्या (दो), राजेश का 12 वीं कक्षा में पढ़ने वाला बेटा हेमंत और आठवीं का छात्र राजेश थे। पौने तीन बजे अर्जुन दोस्त के यहां से लौटा था। रिद्दिमा गेट बंद कर रही थी तभी दो नकाबपोश बदमाश आ धमके। बोले, हेमंत कहां है, अर्जुन कहां हैं, अनिता कहां है, कोई कुछ समझ पाता, इससे पहले ही बदमाश घर के अंदर घुस गए। एक ने अराध्या को गोदी में उठाकर उसके सिर पर तमंचा लगा दिया।

मेरी मां को कैंसर है, इसलिए लूट रहा हूं
एक बदमाश जाते हुए कहकर गया कि उसकी मां कैंसर की मरीज है, उसे पैसे की जरूरत है, इसलिए वह लूट कर रहा है। बदमाशों का तरीका प्रोफेशनल अपराधियों की तरह था। लुटेरों ने जिस तरह योगराज के परिवार के सदस्यों के नाम लिए, उससे माना जा रहा है कि वह परिचित हो सकते हैं। दूसरी संभावना यह है कि किसी परिचित से उन्होंने इसकी जानकारी ली हो। कुल मिलाकर जांच की दिशा यही है कि वारदात में किसी न किसी परिचित का हाथ जरूर है। बदमाशों के नकाब में रहने की भी यही वजह मानी जा रहा है कि उन्हें पहचान लिए जाने का डर रहा होगा। एक और सवाल पुलिस के मन में खटक रहा है कि बदमाशों को कैसे पता चला कि योगराज के घर पर इतना कैश है। योगराज ने पुलिस को बताया कि 27 लाख यूनिवर्सिटी में जमा कराने थे। यह छात्रों की फीस की रकम थी। वह सोमवार को 11 लाख और मंगलवार को 16 लाख बैंक से निकालकर लाए थे। घर में और भी पैसा रखा था।
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