आगरालीक्स…मनकामेश्वर मंदिर के मठ प्रशासकों की याचिका कोर्ट ने की खारिज. इस तारीख को उपस्थित होने के लिए कहा. जानें क्या है मामला
अधीनस्थ न्यायालय द्वारा परित आदेश के विरुद्ध सत्र न्यायालय में रिवीजन करने पर जिला जल ने मनकामेश्वर मंदिर के मठ प्रशासकों हरिहर पुरी और योगेश पुरी द्वारा प्रस्तुत रिवीजन याचिका को खारिज कर दिया गया है. याचिका में अधीनस्थ न्यायालय द्वारा परित आदेश को चुनौती दी गई थी.
ये है मामला
मामले के अनुसार वादी मुकदमा अनिल अग्रवाल पुत्र कन्हैयालाल निवासी हींग की मंडी थाना एमएम गेट ने मंदिर के सेवादार थानेश्वर प्रसाद तिवारी और मठ प्रशासकों हरिहरपुरी और योगेशपुरी के खिलाफ परिवाद दायर किया था. परिवार में अनिल अग्रवाल ने आरोप लगाया था कि मंदिर प्रशासन उन्हें पूजा अर्चना से वंचित कर रहा है और उन्हें अभद्रतापूर्ण व्यवहार कर धमकी दी गई है. आरोप था कि भोलेनाथ कि शिवलिंग पर स्नान, पूजा अर्चना सभी भक्तों द्वारा की जाती थी लेकिन मंदिर में अब केवल चयनित लोगों को ही शिवलिंग पर जल चढ़ाने, पूजा अर्चना करने की अनुमति दी जाती है. वादी एवं अन्य श्रद्धालुओं को भोलेनाथ की पूजा अर्चना से वंचित रखा जा रहा है.
इस मामले में अधीनस्थ न्यायालय ने इसी साल 9 फरवरी 2023 को मंदिर प्रशासन के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया था. इस आदेश को चुनौती देते हुए मठ प्रशासकों ने जिला जल के समक्ष रिवीजन याचिका दायर की थी. जिला जज विवेक संगल ने रिवीजन को खारिज कर अधीनस्थ न्यायालय के आदेश को यथावत रख उन्हें राहत देने से इंकार कर दिया है. जिला जज ने उन्हें तीन नवंबर 2023 को मुकदमे के विचारण के लिए अधीनस्थ न्यायालय में उपस्थित होने के आदेश दिए हैं.