आगरालीक्स…आगरा में लेखपाल की कार से मिलीं 500—500 के नोटों की गड्डियां किसकी? पहले लेखपाल पर रिश्वत का आरोप, रुपये मिलते ही बदली कहानी. पीड़ित बोला—कोई रिश्वत नहीं दी..देखें वीडियो
आगरा की सदर तहसील में लेखपाल की कार से मिली 500—500 के नोटों की गड्डियां किसकी हैं…यह अब इसलिए जांच का विषय बन गया है क्योंकि जिस पीड़ित ने लेखपाल को 500—500 रुपये की गड्डियों में 10 लाख रुपये की रिश्वत देने का आरोप लगाया था, वह आज रिश्वत देने के आरोपों से मुकर गया है. रिश्वत देने का आरोप लगाने वाले पीड़ित ने अब वीडियो जारी कर कहा है कि उसने कोई रिश्वत नहीं दी. उसने रात को दिए गए अपने बयानों का वीडियो में खंडन किया है. पुलिस अब इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई करने की बात कह रही है. इधर पुलिस ने लेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और विभागीय कार्रवाई में उन्हें निलंबित किया गया है.
जानिए क्या हैं पूरा मामला
आगरा के बमरौली कटारा में रहने वाले किसान उमेश के तीन भाई हैं जिनमें जमीन को लेकर विवाद चल रहा है. एक भाई का नाम खतौनी मे गड़बड़ है. उमेश का आरोप था कि इसे सही कराने के लिए सदर तहसील में तैनात लेखपाल संघ के पूर्व अध्यक्ष भीमसेन चौधरी से नाम ठीक करने की बात हुई, जिस पर भीमसेन ने उमेश यादव को एक होटल में बुलाया और खतौनी में नाम ठीक करने के लिए दस लाख रुपये की रिश्वत ली. इनमें से पांच लाख रुपये कार के आगे की डिग्गी मेंऔर पांच लाख रुपये पीले लिफाफे में पीछे की सीट पर रख लिए.
सदर तहसील में हंगामा होने पर भाग गया था लेखपाल
बुधवार रात को लेखपाल कार से सदर तहसील पहुंच गया. उमेश यादव ने इसकी सूचना विजिलेंस और अधिकारियों को सूचना दी. साथ ही वह तहसील पहुंच गया. जहां लेखपाल की कार खड़ी थी, यहां उमेश के हंगामा करने पर पुलिस पहुंच गई और कार को जब्त कर लिया. थाना शाहगंज में आज फोरेंसिक विभाग की टीम को बुलाकर कार को खुलवाया. कार खुलवाने के दौरान लेखपाल को भी बुलाया गया लेकिन लेखपाल के नहीं आया और उनकी जगह बेटा आया. कार में से फोरेंसिक विभाग की टीम ने एक थैले से पांच-पांच से नोटो की चार गड्डियां बरामद कर जब्त कर ली.
पुलिस इस मामले की जांच कर ही रही थी कि शाम होने से पहले लेखपाल भीमसेन पर आरोप लगाने वाले उमेश राना और साथी राजीव राना अपने बयान से मुकर गए हैं. उन्होंने थाना शाहगंज प्रभारी को इसके लिए लिखित में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई न करने को कहा है. थाना शाहगंज पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में उन्होंने गुमराह होकर लेखपाल पर आरोप लगाने की बात कही और पुराने लेनदेन में पांच लाख लेने के बाद उन्हें गुमराह कर शिकायत का आरोप लगाया. आरोप लगाने वालों ने वीडियो जारी कर अपने रिश्वत देने के बयानों का खंडन किया है. पुलिस अब इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई करने की बात कह रही है.