आगरालीक्स…..मथुरा हिंसा के मास्टर माइंड रामवृक्ष यादव के बेटे विवेक यादव का कहना है कि पुलिस ने मेरे पिता को जिंदा पकडा था, वह जिंदा हैं या मार दिए गए, यह पुलिस बता सकती है। जिस शव को रामवृक्ष यादव का बताया गया था वह किसी और का है, इसलिए डीएनए मैच ही नहीं कर सकता है।
मंगलवार को मथुरा में पेशी पर आए रामवृक्ष यादव के बेटे विवेक यादव ने कहा कि पुलिस ने मेरे पिता को जिंदा पकडा था।
विवेक के वकील तरणी गौतम ने मीडिया से कहा है कि रामवृक्ष यादव जवाहर बाग कांड के समय पुलिस लाइन के पास बाउंड्री वाल से कुछ सत्याग्रहियों के साथ कूदकर भागा था। बाउंड्री वाल से कूदने के बाद रामवृक्ष को पुलिस ने पकड़ लिया। उसके साथ मारपीट भी की। जिसके बाद कई बड़े अधिकारियों से उसकी मुलाकात भी हुई थी। रामवृक्ष यादव को पुलिस बोलेरो गाड़ी में बैठाकर अपने साथ ले गई थी। उसके साथी जेल में बंद हरनाथ सिंह ने भी पुलिस के द्वारा बताए शव को रामवृक्ष के शव होने से मना कर दिया था। इसीलिए उसकी बेटी को रामवृक्ष का शव भी सुपुर्द नहीं किया गया।
कहां है रामवृक्ष यादव
रामवृक्ष यादव पुलिस की कस्टडी में है, या पुलिस ने उसे अज्ञात स्थान पर ले जाकर बंधक बना रखा है। हो सकता है कि उसे मार दिया गया हो। यह तो वही बता सकते हैं जो पुलिस के बड़े अधिकारी रामवृक्ष यादव से मिले थे।
3 जून 2016 को हुई थी हिंसा
जवाहर बाग क्लैश में आगरा मंडल में एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी, एसओ संतोष कुमार शहीद हो गए हैं, डीजीपी जावीद अहमद ने कहा है कि 22 उपद्रवियों की मौत हो चुकी है, इसकी संख्या और बढ सकती है। एसएन में 35 घायल भर्ती हैं और एक की हालत गंभीर है। शहीद एसपी सिटी का शुक्रवार को पार्थिव शरीर घर पर पहुंचने पर आंखें नम हो गई, उन्हें श्रदृधांजलि देने वालों की भीड उमड पडी है।
3 जून 2016 को मथुरा के जवाहर बाग की 280 एकड जमीन पर 15 मार्च 2014 से रह रहे स्वाधीन भारत विधिक संगठन के तीन हजार लोगों को बाहर निकालने के लिए पुलिस पहुंची थी। उपद्रवियों ने पुलिस पर हमला बोल दिया, इससे एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी, एसओ फरह संतोष कुमार की मौत हो गई। शुक्रवार सुबह मथुरा पहुंचे डीजीपी ने अधिकारियों के साथ बैठक की, उन्होंने प्रेसवार्ता में बताया कि जवाबी कार्रवाई में 22 उपद्रवी मारे गए हैं, एक दर्जन उपद्रवियों की मौत आग में जलने से हुई है, फायरिंग के बाद जवाहर बाग में आग लगा दी गई थी। अब तक 124 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मीडिया में डीएनए फेल होने की खबर से खलबली
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने रामवृक्ष की हड्डी का सैंपल भेजा था। उसके बेटे विवेक के खून और बाल के सैंपल भेजे गए थे। इनसे डीएनए रिकवर किया जा चुका है। यह पहले स्टेज का टेस्ट होता है। इसके बाद सिर्फ दोनों डीएनए का परीक्षण किया जाना रह जाता है। इसमें दो ही रिजल्ट संभव हैं या तो दोनों सैंपल का मिलान होगा या नहीं होगा।
रामवृक्ष यादव का डीएनए टेस्ट अभी पूरा नहीं हुआ है। पुलिस की ओर से भेजे गए दोनों सैंपलों से डीएनए निकाला जा चुका है। सीबीआई चाहे तो वह इनका परीक्षण अपने स्तर से करा सकती है – डा. श्याम बिहारी उपाध्याय
डायरेक्टर, विधि विज्ञान प्रयोगशाला, लखनऊ मीडिया को दिए गए बयान
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