आगरालीक्स…आगरा में संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्या सागर जी महाराज को दी गई विनयांजलि. ऐसे महामना का महाप्रयाण एक अमूल्य क्षति
आगरा में श्री पार्श्वनाथ धाम में आज परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य भगवन श्री 108 विद्या सागर जी की सामुहिक विनयांजलि सभा श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैसवाल उपरोचिया पंचायति मन्दिर, छीपीटोला एवं सकल जैन समाज आगरा द्वारा आयोजित की गई। क्रांतिवीर मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज ने बताया ऐसे महामना का महाप्रयाण एक अमूल्य क्षति है। जिसकी रिक्तता को भर पाना काफी मुश्किल है। आचार्य श्री जन जन के संत थे वे आत्म साधक थे, प्राणी मात्र के प्रति करुणा, वह मानवता के उद्घोषक थे। कहां जाए तो वे साधना के सतत प्रहरी थे। स्वभाव के निर्मल लेकिन अपने नियमों के प्रति गुरुदेव कठोर थे। अनुशासन ही उनके जीवन का प्रमुख आधार था।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री प्रो. एस. सिंह.बघेल ने बताया कि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज जी ने मुझे शाकाहारी का नियम दिया और गुरुदेव सचमुच साधना के सुमेरू थे। अंत मैं समस्त संघ की और से गुरुदेव के चरणों में भाव भीना नमन और यही भावना है की पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महामुनिराज को सिद्धत्व की प्राप्ति हो। मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने बताया कि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज जी ने हाथकरघा का कार्य गुरुवर ने जेलों में चलाया था जिसमें बन्दीयों को रोजगार मिल सके ल आचार्य विद्यासागर जी महाराज के देह त्यागने की खबर के बाद दुःख व्यक्त किया।
मंच संचालन मनोज जैन बाकलीवाल ने किया। इस मौके पर अध्यक्ष अनिल जैन, मंत्री प्रवेश जैन, रविन्द्र कुमार जैन, प्रदीप जैन, विपिन जैन, सतेंद्र जैन साहूला,मुन्नालाल जैन,प्रवीन जैन नेता जी, स्वेताम्बर समाज के सुशील जैन, सन्देश जैन,आशु बाबा, रोहित जैन, अभिषेक जैन मामा, दीपक जैन, मीडिया प्रभारी राहुल जैन और सकल जैन समाज मौजूद थे।
