आगरालीक्स… आगरा में युवा ज्वैलर अपार्टमेंट के फ्लैट में फांसी के फंदे पर झूलता मिला, सामान बिखरा पडा था, कारोबारी के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, पुलिस छानबीन में जुटी हुई है।
आगरा के महालक्ष्मी ज्वैलर्स के मालिक ऋषि गर्ग ने न्यू आगरा स्थित बीएम अपार्टमेंट की पहली मंजिल पर फ्लैट नंबर 114 में रहते हैं, सामने ही फ्लैट नंबर 118 में पिता राकेश गर्ग का रहते है। पुलिस के अनुसार बुधवार को किसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद ऋषि गर्ग की पत्नी चांदनी दोनों बच्चों को लेकर सास-श्वसुर के फ्लैट में चली गई। सुबह पति के फ्लैट का दरवाजा नहीं खुला तो होश उड गए, उसने पति को फोन मिलाया। फोन नहीं उठा। दस बजे तक घरवाले यही इंतजार करते रहे कि ऋषि कॉल बैक करेंगे। जब कोई फोन नहीं आया तो वे घबरा गए। शोर मचाया। अंदर से कोई आवाज नहीं आने पर दरवाजे के बराबर लगी खिड़की का शीशा तोड़कर दरवाजा खोला। अंदर पहुंचे तो चीख निकल पड़ी। ऋषि का शव फंदे पर लटका हुआ था। कमरे का सामान बिखरा पड़ा था। पुलिस के पहुंचने से पहले घरवाले ही शव नीचे उतार चुके थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
ऋषि खुशमिजाज और जिंदादिल थे
ऋषि गर्ग सराफा बाजार के लिए जानी मानी हस्ती थे। उनके पिता राकेश गर्ग पूरे सराफा बाजार में राकेश जीजा के नाम से जाने जाते हैं। राकेश के बड़े भाई राजेश ओपी चेन ग्रुप के दामाद थे। इस कारण सराफा बाजार में इस परिवार की अपनी अलग पहचान थी। ऋषि की बेटी पंखुड़ी महज पांच साल की है। बेटा अंश चार साल का है। ऋषि की ससुराल आगरा में ही है।
ऋषि गर्ग ने जान दे दी। दोपहर को पुराने शहर के सराफा बाजार में जैसे ही कारोबारियों को यह पता चला वे सन्न रह गए। कारोबारियों ने बताया कि ऋषि की मुकेश पैलेस में महालक्ष्मी ज्वैलर्स के नाम से फर्म है। सोने और हीरे का अच्छा काम है। उसे किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं थी। वह जिंदादिल और खुशमिजाज स्वाभाव के थे। जब भी मिलते थे गले लगते थे। हंसते और हंसाते रहते थे। पति-पत्नी अकसर सराफा घरानों के कार्यक्रमों में मिला करते थे। उन्हें देखकर कभी ऐसा नहीं लगा कि दोनों के बीच कोई विवाद है।
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