आगरालीक्स… चैत्र नवरात्र नौ अप्रैल से शुरू हो रहे हैं। माता रानी दुर्गा के 9 रूपों की विशेष पूजा। विधि-विधान से पूजा को जरूरत पड़ती है इन सामग्री की..
नौ अप्रैल से 17 अप्रैल तक रहेंगे चैत्र नवरात्र

श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान एवं गुरु रत्न भंडार वाले ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा के मुताबिक पंचांग के अनुसार, चैत्र मास की प्रतिपदा तिथि 8 अप्रैल को रात 11.51 बजे शुरू होगी और यह तिथि 9 अप्रैल को रात 8.29 बजे समाप्त होगी। ऐसे में चैत्र नवरात्र 9 अप्रैल से शुरू होकर 17 अप्रैल को समाप्त होंगे।
विधि-विधान से पूजा करना जरूरी
चैत्र नवरात्र में देवी की पूजा विधिविधान से की जाए तो मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इसके लिए सभी सामग्री का प्रबंध किया जाना जरूरी होता है।
माता रानी की पूजन सामग्री
चैत्र नवरात्र में देवी के लिए सामग्री में मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर, चौकी पर बिछाने के लिए लाल रंग का कपड़ा, बंदनवार, सोलह श्रृंगार (बिंदी, चूड़ी, तेल, कंघी, दर्पण आदि), थोड़ी सी पिसी हुई हल्दी, आसन, चौकी, मौली, रोली, कमलगट्टा, शहद, चीनी, सिन्दूर, सुपारी, पान, लौंग, बताशा, हल्दी की गांठ, नैवेध, जावित्री, जटा वाला नारियल, सूखा नारियल, पंचमेवा, गंगा जल, नवग्रह पूजा के लिए चावल, पूजा की थाली, दीपक, घी, अगरबत्ती , कपड़े, दही, आदि शामिल करें।
मां दुर्गा का श्रृंगार करना होता है जरूरी
नवरात्र के दौरान मां दुर्गा का श्रृंगार जरूर करना चाहिए। इसलिए श्रृंगार सामग्री में लाल चुनरी, लाल चूड़ियां, बिछिया, इत्र, चोटी, गले की माला या मंगलसूत्र, पायल, नेल पेंट, लाली, सिन्दूर, बिंदी, काजल, मेहंदी, महावर, शीशा, चोटी के लिए बैंड, नथ, गजरा, मांग टीका, झुमके, कंघी, शीशा आदि शामिल करें शामिल कर सकते हैं।