आगरालीक्स ..( Agra Crime News ) आगरा में पूर्व मंत्री के नाती की दहशत, जूता कारोबारी की बेटी घर में कैद, घर से बाहर निकलने में लग रहा डर। कार से कारोबारी और बेटी को कुचलने की कोशिश के बाद भी पुलिस पूर्व मंत्री के नाती को नहीं पकड़ सकी है।
आगरा के शाहगंज क्षेत्र के रहने वाले जूता कारोबारी की बेटी टयूशन पढ़ने जाती थी उसके साथ पूर्व मंत्री उदयभान सिंह का नाती दिव्यांश चौधरी भी पढ़ता था इसके बाद से वह जूता कारोबारी के पीछे पड़ा हुआ है। कारोबारी की बेटी ने जयपुर से हास्पिटल मैनेजमेंट का कोर्स किया है, इसके बाद से लखनऊ के एक बड़े हॉस्पिटल में कार्यरत है। सोमवार को वह लखनऊ से आगरा लौटी थी।
कार से कुचलने की कोशिश में हत्या के प्रयास की धारा में मुकदमा दर्ज
सोमवार रात को जूता कारोबारी लखनऊ से लौटी बेटी को रेलवे स्टेशन से कार से घर लेकर जा रहे थे, आरोप है कि घर के पास कार के रुकते ही पीछे पूर्व मंत्री का नाती दिव्यांश चौधरी कार लेकर आ गया और कारोबारी और बेटी को कार से कुचलने की कोशिश की। इसकी सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को दे दी गई, कॉलोनी के लोगों के हंगामा करने और रोड पर जाम लगाने के बाद पूर्व मंत्री के नाती दिव्यांश चौधरी के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। मगर, अभी तक पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी है।
पुलिस ने दिया नोटिस, दिव्यांश चौधरी फरार
कारोबारी का आरोप है कि करीब एक साल से दिव्यांश चौधरी उनके पूरे परिवार को परेशान कर रहा है। फरवरी में बेटी को रास्ते में रोक लिया था उस समय शाहगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने चार्जशीट लगा दी लेकिन उसे अरेस्ट नहीं किया। इस बार भी पुलिस उसे नहीं पकड़ रही है। पुलिस ने बुधवार को उसके घर नोटिस दिया, कहा कि दिव्यांश चौधरी को हाजिर कर दिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि उसके दोनों मोबाइल बंद हैं, परिजनों का कहना है कि वह कहां है उन्हें पता नहीं है। उसके दोस्तों के नंबरों की जानकारी जुटाई जा रही है।
घर में कैद बेटी
कारोबारी का कहना है कि एक साल से दिव्यांश चौधरी परेशान कर रहा है। वह, लखनऊ में बेटी के फ्लैट में भी घुसने की कोशिश कर चुका है, सुशांत सिटी थाने में शिकायत करने पर उसने माफी मांग ली थी। बेटी दो दिन की छुटटी पर आई थी लेकिन वह दहशत में है, घर से बाहर नहीं निकल रही है। छोटा भाई कक्षा सात में पढ़ता है, उसे टयूशन नहीं जाने दे रही है। पिता दुकान पर जाते हैं तो भी डर लगा रहता है।