प्रयागराजलीक्स.. इलाहाबाद हाईकोर्ट में श्रीकृष्ण जन्मभूमि व शाही ईदगाह विवाद मामले की सुनवाई में हिंदू पक्ष ने वक्फ संपत्ति को लेकर सवाल खड़े किए।
अगली सुनवाई सात जुलाई को होगी
कृष्ण जन्मभूमि के पक्षकार आशुतोष पांडेय का कहना था कि वक्फ संपत्ति दान में मिली होती है। वक्फ बोर्ड बताए कि उसे किसने विवादित ईदगाह की संपत्ति दान दी। इस मामले में अगली सुनवाई सात जुलाई 2024 को होगी।
13 एकड़ जमीन लड्डू गोपाल की है
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण के अध्यक्ष व मंदिर पक्षकार आशुतोष पांडेय ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने कहा कि ऑर्डर सात, नियम 11 इस मामले में लागू नहीं होता है। उनका कहना था कि 13 एकड़ जमीन लड्डू गोपाल की है। इसे कोई न बेच सकता है। न कोई समझौता कर सकता है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट ही अदा करता है टैक्स
उन्होंने कहा यह जमीन श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के नाम है। ट्रस्ट ही बिजली बिल व टैक्स जमा करता है। खसरा और नगर निगम के रिकॉर्ड में भी ट्रस्ट के नाम पर है।
रिकॉर्ड में कहीं भी शाही ईदगाह के नाम से जमीन नहीं
रिकॉर्ड में कहीं भी शाही ईदगाह के नाम कोई भी जमीन नहीं है। इस मामले में वर्शिप एक्ट, लिमिटेशन एक्ट, वक्फ एक्ट के अधिनियम लागू नहीं होते हैं। उनका कहना था कि वक्फ संपत्ति पर वक्फ बोर्ड का मुतवल्ली होता है, जबकि ईदगाह में ऐसा नहीं है।