आगरालीक्स… आगरा में एक बडा मामला सामने आया है, नोटबंदी के दौरान स्टेट बैंक के करेंसी चेस्ट से एटीएम में डालने के लिए दिए गए 5 .50 करोड रुपये में से 71 .56 लाख रुपये गायब हो गए। इस मामले में एटीएम में कैश डालने वाली कंपनी सेफ गार्ड ने थाना रकाबगंज में छह कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
नवंबर में नोटबंदी के दौरान स्टेट बैंक, छीपीटोला की करेंसी चेस्ट से एटीएम में पैसे डालने का काम करने वाली निजी कंपनी सैफ गार्ड को कैश दिया गया। करेंसी चेस्ट से 5 .50 करोड रुपये दिए गए, यह रुपये एटीएम में डाले जाने थे लेकिन 71 .50 लाख रुपये एटीएम में नहीं डाले गए।
आॅडिट में खुलासे से खलबली
नोटबंदी के दौरान जमा हुए पुराने रुपये और एटीएम में डाले गए कैश का आॅडिट किया जा रहा है, आॅडिट में 71 .50 लाख रुपये गायब थे, इसके बाद रिकॉर्ड खंगाले गए तो मामला खुलता चला गया।
करेंसी चेस्ट से एटीएम के बीच गायब हुआ कैश
आॅडिट के बाद की गई छानबीन में सामने आया है कि स्टेट बैंक, छीपीटोला करेंसी चेस्ट द्वारा 5. 50 करोड रुपये एटीएम में डालने के लिए सैफ गार्ड को दिए गए। इसमें से करीब 4. 20 करोड कैश की एटीएम तक पहुंचा, करीब 71 .50 लाख रुपये एटीएम में नहीं डाले गए।
छह कर्मचारियों पर मुकदमा
सैफ गार्ड कंपनी ने मामले की छानबीन की, इसके बाद थाना रकाबगंज में कंपनी के मैनेजर ने मुकदमा दर्ज कराया है। कंपनी के छह कर्मचारियों पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने करेंसी चेस्ट से कैश लिया लेकिन उसे एटीएम में नहीं डाला। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एटीएम के बाहर लगी रही थी भीड
नोटबंदी के दौरान एटीएम के बाहर भीड लगी रही थी, अधिकांश एटीएम खाली थे, ऐसे में कैश डालने वाली कंपनी के कर्मचारियों ने भी खेल किया, वे अपने साथ कई एटीएम कार्ड लेकर चलते थे और एटीएम में कैश डालने के बाद उसे कार्ड से निकाल लेते थे। इस तरह की शिकायतें सामने आई थी लेकिन यह बडा मामला है, इसमें कर्मचारियों ने कैश ही एटीएम में नहीं डाला है।
फाइल फोटो
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