आगरालीक्स ….आगरा की बेशकीमत जमीन कब्जाने के मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष, बिल्डर कमल चौधरी, उनके बेटे सहित 15 के खिलाफ आरोप पत्र, नौ के खिलाफ डकैती, बलवा, कब्जा, माल बरामदगी और आपराधिक षडयंत्र की धाराओं में आरोप पत्र लगाया गया है।
आगरा के जगदीशपुरा में बैनारा फैक्ट्री के पास चार बीघा बेशकीमती जमीन पर 2023 में कब्जा करने के लिए वहां रह रहे पांच लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करा जेल भेज दिया।इस मामले में जमीन को अपनी बताने वाली उमा देवी की तहरीर पर सात जनवरी 2024 को जगदीशपुरा के तत्कालीन थानाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, बिल्डर कमल चौधरी उनके बेटे धीरू चौधरी सहित अन्य लोगों के खिलाफ जमीन पर कब्जा करने, बलवा, जान से मारने की धमकी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। इस मामले में पुलिस ने थानाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, अमित अग्रवाल और पुरुषोत्तम पहलवान को जेल भेज दिया था जबकि बिल्डर कमल चौधरी और उनके बेटे को कोर्ट से राहत मिल गई थी, पुलिस ने डकैती का मामल भी बरामद किया था।
एसआईटी की जांच में उमा देवी भी षडयंत्र में निकली शामिल
इस मामले की जांच एसआईटी से कराने पर सामने आया कि उमा देवी जिन्होंनें जमीन अपनी बताई थी उन्होंने जमीन के मूल मालिक रहे टेहल सिंह को अपना ससुर बताया और टेहल सिंह और उनके बेटे यानी उमा देवी के पति जसवीर सिंह को मृ़त दर्शाते हुए फर्जी प्रपत्र तैयार कर वारिसान प्रमाण पत्र बनवाया। जांच में मामला खुल गया, टेहल सिंह जिंदा निकले और उन्होंने आगरा आकर बयान दर्ज कराए। पुलिस ने उमा देवी सहित छह लोगों को भी जेल भेज दिया।
2000 पेज का आरोप पत्र किया गया तैयार
डीसीपी सिटी सूरज राय के अनुसार, इस मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष जगदीशपुरा जितेंद्र सिंह आपराधिक षडयंत्र में शामिल था, जमीन पर नेमचंद जैन का कब्जा था, उसी ने सीसीटीवी लगवाए थे।