आगरालीक्स…आगरा के बाह में स्थित चंबल नदी में घड़ियालों के अंडों से निकले 900 नन्हे बच्चे उतारे गए।

एशिया की सबसे बड़ी घड़ियाल सेंक्चुअरी
बाह तहसील में बहने वाली चंबल नदी में 900 नन्हें घड़ियालों ने पहली बार पानी में प्रवेश किया। चंबल सेंक्चुअरी की बाह रेंज के महुआशाला, नंदगवां, हथकांत घाट पर घोंसले से निकले करीब 900 नन्हें घड़ियालों ने पहली बार नर घड़ियाल की पीठ पर सवार होकर चंबल नदी में पहुंचे, जिससे चंबल सेंक्चुअरी के अधिकारी बेहद उत्साहित हैं।
मादा घड़ियाल ने हैचिंग के लिए दबाए अंडों को कुरेदा
बता दें कि, जब घोंसले से आई सरसराहट की आवाज (मदर कॉल) आने लगी तो पहुंची मादा घड़ियाल (मां) ने हैचिंग के लिए बालू में दबाएं अंडों को कुरेदा तो उनमें से नन्हे घड़ियाल निकलने लगे, जो नदी में मौजूद नर (पिता) की पीठ पर बैठकर नदी में पहुंचे, ये नजारा देख कर वन विभाग के अधिकरी बेहद खुश हैं. उन्होंने अपनी आंखों से ये नजारा देखा. अभी करीब एक सप्ताह तक घड़ियालों की हैचिंग चलेगी।

112 ग्राम का होता है एक अंडा
बाह के रेंजर उदय प्रताप सिंह ने बताया कि, बाह रेंज में रविवार को घड़ियालों की हैचिंग चल रही है। पहले दिन अंडों से निकले करीब 900 बच्चे चंबल नदी तक पहुंचे हैं। घड़ियाल के एक अंडे का वजन करीब 112 ग्राम होता है। नन्हें घड़ियाल को जन्म के तीन माह तक भोजन की जरूरत नहीं होती है।