आगरालीक्स…Video .. आगरा की रूह कंपा देने वाली घटना, कोठी में कारपेट कारोबारी का इलकौता बेटा जिंदा जला, पिता को बाहर निकालने के बाद अंदर गया बेटा, आवाज लगाते रहे लोग। मां और बहन आस्ट्रेलिया में। ( Carpet businessman 35 year old son burnt alive, Wife & Daughter in Australia)
आगरा के सदर स्थित कावेरी कॉलोनी में कारपेट कारोबारी केजी वशिष्ठ की तीन मंजिला मोठी है। उनकी पत्नी अपनी बेटी के पास आस्ट्रेलिया में हैं। घर पर केजी वशिष्ठ और उनका 35 साल का इकलौता बेटा थे। गुरुवार रात को कारोबारी की तीन मंजिला कोठी में आग लग गई, आंख का धुआं कोठी में फैलने पर सांस लेने में परेशानी होने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें उठने और धुआं भरने पर भारत अपने पिता केजी वशिष्ठ को कोठी से निकालकर बाहर लाए। पड़ोसी से कहा कि पिता जी को देखना मैं दो मिनट में आया।
2 मिनट में आने की कहकर अंदर गए भारत, वापस नहीं लौटे
भारत दो मिनट की कहकर कोठी में अंदर घुस गए। वे कोई सामान निकालने के लिए अंदर गए थे लेकिन तब तक आग की लपटें और तेज हो गईं। रसोई में रखा सिलेंडर फटने से तेज धमाका हुआ। इससे कॉलोनी के लोग भी दहशत में आ गए। आग की लपटें तेज होती गईं। भारत बाहर नहीं आए तो लोगों ने आवाज लगाना शुरू किया लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। आग की लपटें तेज होने के कारण कोई अंदर जाने का साहस भी नहीं दिखा सका। कुछ ही देर में पूरी कोठी आग की लपटों से घिर गई। बाहर खड़े लोग आवाज लागते रहे।
आग में जिंदा जल गया बेटा
स्थानीय लोगों की सूचना पर दमकल कर्मी भी पहुंच गए। आग की लपटें तेज होने के कारण आग पर काबू पाने में समस्या आई, करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग पर काबू पाने के बाद भारत की तलाश की गई, उनके शरीर के कुछ हिस्से ही मिले, पूरा शरीर जल गया।
मंदिर के दीपक से आग लगने की आशंका
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कोठी में मंदिर बना रखा था, मंदिर में दीपक जलाया था। आशंका है कि दीपक से ही आग लग गई, आग रसोई तक पहुंचने के बाद बेकाबू हो गई और सिलेंडर में ब्लास्ट से आग पूरे घर में फैल गई।