आगरालीक्स…आगरा की एक मां, पत्नी, बच्चे 15 दिन से दर्द और आंसुओं में जी रहे. आज चीन से आए फोन ने तोड़ी और हिम्मत. चीनी सरकार ने कर दिया ये काम तो होगा जिंदगीभर दुख..
आगरा के शाहगंज स्थित चाणक्य पुरी कॉलोनी. यहां शिक्षिका अंजुलता अपनी सास और दो बच्चों के साथ रहती हैं. इस घर में इस समय दुख और आंसुओं के सिवा कुछ नजर नहीं आ रहा है. अंजुलता के पति 49 साल के अनिल कुमार मर्चेंट नेवी में एमवीजीएच नाइटिंगेल कंपनी में चीफ इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे. उनका जहाज चीन के झेजियांग प्रांत के झोउशान शहर में था, 12 जून की रात को अनिल की तबीयत बिगड़ी, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, सुबह उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया लेकिन दोपहर में सीने में दर्द होने पर दोबारा भर्ती किया गया. कुछ देर बाद ही हार्ट अटैक पड़ने से उनकी मौत हो गई. परिजनों को अनिल की मौत की सूचना मिली तो घर में कोहराम मच गया. पत्नी अंजुलता, मां 80 साल की रामकिशोरी और दो बच्चों का रो—रोकर बुरा हाल है.
15 दिन बाद भी नहीं आया शव
रोते बिलखते इस परिवार ने किसी तरह अनिल कुमार के शव को लाने की कोशिश की लेकिन 15 दिन बाद भी शव नहीं आ सका है. इसके लिए चीफ इंजीनियर अनिल की पत्नी अंजुलता ने प्रधानमंत्री, विदेशी मंत्री को टिवीट भी किया था. आगरा के सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल ने भी कोशिश करना शुरू किया है. लेकिन दूतावास, विदेश मंत्रालय और पीएमओ सभी जगह से कोई जवाब नहीं आ रहा है. शिप कंपनी के लोग भी उनके फोन और ई—मेल का कोई जवाब नहीं दे रहे हैं.
चीन से आया दर्द बढ़ाने वाला फोन
इस परिवार के लिए दुख का आलम दोपहर को आए एक फोन ने और बढ़ा दिया है. चीन में उनकी मदद करने वाली महिला नम्रता उपाध्याय ने दोपहर तीन बजे उन्हें जानकारी दी कि उनके पति के पार्थिव शरीर की हालत खराब होने के कारण चीन सरकार वहीं अंतिम संस्कार कराने की तैयारी कर रही है. कल या परसों में चीन में ही अंतिम सस्कार करा दिया जाएगा. इस फोन के आने के बाद परिवार की हिम्मत और टूट गई है.