आगरालीक्स…73 साल के एक मरीज की गर्दन की नस हो गई थीं बंद. लकवा होने की थी संभावना. आगरा के शांतिवेद इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस में हुई सफल एंजियोप्लास्टी
आगरा के शांतिवेद इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस में एक 73 साल के मरीज के गर्दन की बंद नसों की सफल एंजियाप्लास्टी की गई. मरीज अब पूरी तरह से स्वास्थ है और उसकी परेशानी दूर हो गई है.
इस संबंध में अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज कुमार ने बताया कि मरीज के गर्दन की नसें बंद होने से मस्तिष्क में खून का प्रवाह कम हो जाता है. इसके कारण लकवाग्रस्त होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. यह एक जोखिम वाला केस था लेकिन मरीज के गंर्दन की बंद नसों को एंजियोप्लास्टी से खोलकर परेशानी दूर की. हॉस्पिटल के को—प्रबंधक डॉ. श्वेतांक प्रकाश ने हृदय रोग विभाग की टीम को इस केस को सफलतापूर्वक करने के लिए बधाई दी है.