आगरालीक्स …..आगरा के सदर बाजार में नोएडा के कैफे संचालक ने कार में खुद को गोली मारकर सुसाइड कर ली। इन घटनाओं को कैसे रोकें, सुसाइड से पहले के संकेत, मनोचिकित्सकों से जानें। ( Save Life : 30 year old Mama Franky Restaurant owner son brother in law give signal before shot himself)
ग्रेटर नोएडा के बीटा 2 जनता क्वाटर के रहने वाले 30 साल के निपुण कपूर की बहन आकांक्षा आगरा में रहती हैं। आकांक्षा के ससुर हिमांशु सचदेवा और पति राहुल सचदेवा का सदर में मामा फ्रेंकी रेस्टोरेंटर हैं। आकांक्षा की बेटी का 28 जुलाई को जन्मदिन था। निपुण ने बहन आकांक्षा को फोन कर बताया कि उसे थाईलैंड जाना है, इसलिए भांजी समायरा का जन्मदिन मनाने के लिए उनके घर आ रहे हैं। गुरुवार को निपुण कपूर कार से नोएडा से दिल्ली पहुंचे, बहन आकांक्षा के साथ चार साल की भांजी का जन्मदिन मनाया। करीब एक घंटे तक रुके, नोएडा जानी की कहकर निकल गए।
जन्मदिन मनाने के कुछ देर बाद ही कार में सुसाइड
निपुण सदर स्थित मामा फ्रेंकी रेस्टोरेंट पर पहुंचे, उन्होंने परिवार के व्हाटस एप ग्रुप पर एक वाइस मैसेज भेजा, इसके बाद कार में खुद को गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर आस पास के लोग आ गए, वे खून से लथपथ निपुण को अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने उसे म्रत घोषित कर दिया।
व्हाटस एप ग्रुप पर भेजा संदेश
निपुण ने सुसाइड करने से कुछ देर पहले व्हाटस एप ग्रुप पर वाइस मैसेज भेजा, 1.40 मिनट के मैसेज में निपुण ने कहा कि मामी मैं जा रहा हूं, मेरे जाने के बाद मेरी एक गाड़ी राजकपूर भैया को दे देना, कोई पैसा नहीं लेना मेरा 19 नंबर का फ्लैट भांजी समायरा के बर्थडे का उपहार है, उसकी शादी हो जाए तो उसे दे देना, मैं जो भी करुंगा उसके लिए कोई रिस्पांसबल नहीं ह, न दोस्त न आकांक्षा दी और न हिमांशु अंकल, प्लीज आकांक्षा दीदी को भी अभी फोन मत करना, मैसेज भेजकर इसलिए जा रहा हूं कि एक प्रूफ रहना चाहिए, वासू, खुशी सबका ध्यान रखना, बाकी मामी आप समझदार हैं।
सुसाइड करने से पहले देते हैं संकेत ना करें नजरअंदाज
मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के निदेशक डॉ. दिनेश राठौर का कहना है कि सुसाइड करने वाला कुछ संकेत देता है, इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। संकेत समझ जाने पर सुसाइड करने वाले से बात कर ली जाए, उसे समझा दिया जाए, जरूरत हो तो दवा दे दी जाए तो जान बचाई जा सकती है। सुसाइड करने के विचार पांच मिनट तक तेजी से आते हैं उस समय समझा दिया जाए तो जान बच सकती है।
ये होते हैं संकेत
गुमसुम हो जाना, अकेला रहना पसंद करना, किसी से बात ना करना
जिंदगी में कुछ नहीं है, आगे क्या होगा, इस तरह की निराशाजनक बातें करना
अप्रत्याशित काम करना, परिवार के किसी सदस्य को ज्यादा प्यार करना
अपनी प्रोपर्टी, बैंक एकाउंट सहित अन्य जानकारी अचानक से पत्नी, माता पिता और बच्चों को बताने लग जाना
भूख ना लगना, किसी काम में मन ना लगना
व्यवहार में बदलाव आना