आगरालीक्स ….आगरा में रिश्वत लेने के आरोप में कलक्ट्रेट के दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। जिला प्रशासन के से नो टू करप्शन अभियान के तहत कार्रवाई की गई है। कलेक्ट्रेट कर्मचारी आलोक गुप्ता, पूछताछ लिपिक द्वारा एकल खिडकी की रसीद के नाम पर पैसे लेने के आरोप लगे थे, प्रथम द्रष्टता दोषी मानते हुए आलोक गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, पूरन सिंह न्याय सहायक थर्ड पर हैसियत प्रमाण पत्र बनाने के लिए पैसे लेने के आरोप लगे थे, इन्हें भी निलंबित कर दिया गया है।
7 जून को दो कर्मचारी किए निलंबित
आगरा के सरकारी विभागों से भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए जिला प्रशासन के ने से नो टू करप्शन शुरू किया है। इसके तहत शिकायत मिलने पर एक बिजली विभाग के कर्मचारी को निलंबित करने और रिश्वत ले रहे एक दलाल पर कार्रवाई के लिए कहा गया है।
सरकार द्वारा लोगों के लिए तमाम सहूलियत दी जा रही हैं लेकिन ये आम लोगों तक नहीं पहुंच रहीं हैं। जिन लोगों को सुविधाएं मिल रहीं हैं, उन्हें रिश्वत देने पड रही है। ऐसा ही एक मामला 29 मई को सामने आया है, इसमें शमसाबाद निवासी प्रेम सिंह ने विद्युत विभाग के कर्मचारी पर बिजली कनेक्शन के लिए 395 रुपये अतिरिक्त लेने के आरोप लगाए थे। इस मामले की जांच की गई, इसकी ट्रांसक्रिप्ट तैयार की गई। इसके आधार पर डीएम गौरव दयाल ने बिजली घर नया बास चौराहा शमशाबाद में कार्यरत बिजली कर्मचारी ढाकरे पर 395 रुपये की रिश्वत के आरोप में निलंबित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
दूसरा मामला उपनिबंधक कार्यालय खेरागढ का है। यहां के आर्मी पर्सन ने 24 मार्च 2017 को फोन पर शिकायत की थी कि रजिस्ट्री कराने पर 2800 रुपये रिश्वत ली गई। इस मामले की ट्रांसक्रिप्ट तैयार की गई, इसमें रिश्वत लेने वाला दलाल राकेश शर्मा निकला, इस मामले में डीएम ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इस तरह पकडे जा रहे रिश्वत लेने वाले
Say No To Corruption (SNTC) एसएनटीसी प्रकोष्ठ की ओर से हर रोज रैण्डम बेसिस पर जनपद में 100 ऐसे व्यक्तियों से फोन पर वार्ता कर यह जानकारी प्राप्त की जाएगी कि उनकी ओर से प्राप्त किए गए सरकारी लाभ या प्रमाणपत्र आदि के प्रक्रिया के दौरान किन कर्मचारियों और अधिकारियों ने कितना धन मांगा। वार्तालाप को वॉयस रिकॉर्डर मशीन में रिकॉर्ड किया जाएगा।
वॉयस रिकॉर्डर को पर्याप्त प्रमाण मानते हुए दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। कोई भी व्यक्ति स्वतंत्र होगा कि वह भ्रष्टाचार से सम्बन्धित सूचना, वॉयस रिकॉर्डिंग प्रमाण सहित उपरोक्त सेल को किसी समय उपलब्ध करा सकेगा, जिसको संज्ञान में लेकर सेल प्रभारी द्वारा अग्रिम कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। यदि किसी व्यक्ति को कोई ट्रैप कराना चाहता है तो भी वह सेल प्रभारी से सम्पर्क करेगा। सेल प्रभारी द्वारा व्यक्ति को सेल परिसर में बुलाकर वहां उपलब्ध रिकॉर्डर मशीन से जुड़े हुए टेलीफोन के माध्यम से आरोप अधिकारी, कर्मचारी से शिकायतकर्ता की दूरभाष पर वार्ता करायी जायेगी, ताकि अवैध धन की मांग करने से सम्बन्धित वार्तालाप को रिकॉर्ड किया जा सके।