
दरअसल शुरू से ही मौसम विशेषज्ञों ने इस बार अच्छे मानसून होने का संकेत दिया था। हुआ भी, मानसून के पहले दिन शहर में अच्छी खासी बारिश हुई और लोगों ने इसका आनंद उठाया, लेकिन इसके बाद तो मानो जैसे मानसून रूठ गया हो। काले-काले घने बादल ताजनगरी की फिजां में खूब छाए लेकिन वे सभी लोगों को फुसला कर निकल लिए। आधा आषाढ़ सूखा निकल गया। लोगों को सावन माह में बारिश की उम्मीद जगी लेकिन धीरे-धीरे करके पूरा सावन माह भी सूखा गुजरने लगा। उमस और भीषण गर्मी से लोग परेशान हो उठे। लोग यह मान बैठे थे कि अब शायद बारिश न हो लेकिन रविवार को हुई बारिश ने लोगों के मन को खुश कर दिया। दो घंटे की बारिश में शहर तलैया बन गया, इस दौरान 23 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। शहर में विकट जलभराव की स्थिति पैदा हो गई लेकिन सभी लोग बारिश होने से खुश नजर आए।
सुहावने मौसम में गुजरा रक्षाबंधन
सावन का अंतिम दिन और रक्षाबंधन पर्व सुहावने मौसम में गुजरा। रविवार को हुई झमाझम बारिश के बाद सोमवार को भी कई क्षेत्रों में बारिश हुई। मौसम सुहाना होने के कारण लोग घरों से भी निकले और स्मारकों पर अच्छी खासी चहल-पहल दिखाई दी। थियेटरों में भी भीड़ दिखाई दी।
भादौ में भी बारिश की उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार अगस्त माह में अच्छी बारिश की एक बार फिर से संभावना बनी है। सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक रिमझिम बारिश होती रही।