आगरालीक्स…. आगरा में 29 जुलाई को सिपाही की हत्या करने वाले बदमाशों के साथ पुलिस की मुठभेड, एक बदमाश के पैर में गोली लगी, मुठभेड के बाद पुलिस ने तीन बदमाशों को दबोच लिया है। इन तीनों ने सिपाही सतीश की हत्या कर दी थी।
मंगलवार रात को पुलिस को सिपाही सतीश की हत्या करने बदमाशों के कालिंदी विहार 100 फुटा पर होने की जानकारी मिली, बदमाश बाइक पर थे, पुलिस ने बदमाशों को घेर लिया और दोनों तरफ से फायरिंग हुई। मुठभेड में एक बदमाश के पैर में गोली लगी है, पुलिस ने तीन बदमाशों को पकड लिया है। एसएसपी दिनेश चंद्र दूबे का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में सिपाही हत्याकांड से जुडे हुए बदमाश बताए जा रहे हैं, अभी विस्त्रत रूप से पूछताछ की जाएगी, एक बदमाश को हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है।
एक बदमाश फरार
घायल बदमाश ने अपना नाम सलमान उर्फ लल्ला निवासी गरीब नगर लंगड़े की चौकी बताया है वह वर्तमान में जलेसर के नौ खेड़ा में अपनी बहन के यहां रहता था। गिरफ्तार हुए दो बदमाशों में राहुल जाटव निवासी लँगड़े की चौकी , श्यामवीर निवासी नौ खेड़ा जलेसर है, जबकि फरार जफरपुर शानू निवासी बोदला जगदीशपुरा की तलाश की जा रही है ।
सिपाही की हत्या करने के बाद चले गए थे दिल्ली
बदमाशों ने पुलिस को बताया के 29 जुलाई की रात को चोरी करने के लिए निकले थे।पहले आरबी डिग्री कॉलेज के पास स्थित एक गेट बंद कॉलोनी से पल्सर बाइक चोरी की थी। इसके बाद कालिंदी विहार की गलियों में चोरी करने के लिए चारों बदमाश घूमते रहे, लेकिन उन्हें कहीं मौका नहीं मिला। सुबह होने पर बदमाश चोरी की गई बाइक को कॉलोनी के बाहर खड़ी करने जा रहे थे। तभी सिपाही उनका पीछा करने लगे। बदमाशों ने बाइक की रफ्तार बढ़ाई लेकिन वह फिसल गई। इसके बाद बाइक को छोड़कर चारों बदमाश गली की ओर भागे । पुलिसकर्मियों ने उनका पीछा किया, सिपाही कुलदीप बाइक चला रहे थे पीछे बैठे सिपाही सतीश यादव ने बाइक से उतरकर एक बदमाश को पकड़ा तभी जफर ने सतीश को गोली दाग दी , गोली सतीश के सीने के नीचे लगी, इसके बाद भी जब सतीश ने बदमाश को नहीं छोड़ा तो सलमान ने उसके जबड़े में गोली मार दी। सिपाही को गोली मारने के बाद बदमाश गली में सीधे गए । जलेसर रोड पर खड़ी अपनी बाइक को उठाकर एनएच-2 पर पहुंचे और वहां से बस में बैठकर दिल्ली चले गए।
अलीगढ के रहने वाले थे सिपाही सतीश
शहीद सिपाही सतीश यादव 2006 बैच के थे, लीगढ़ के जादो स्थित बड़ेपुरा का रहने वाला थे,आगरा के सिकन्दरा थाने से ट्रांसफर होकर दिसंबर थाना एत्माद्दौला आए थे। जबकि कुलदीप चौहान मैनपुरी के रहने वाले हैं।