आगरालीक्स …आगरा में दिलदहला देने वाली घटना हुई है, बेटे ने अपनी मां के साथ जहर खाकर जान दे दी, वह छप्पर के घर में धूप और बारिश रोकने का बंदोबस्त न कर सका, पानी पीकर भूख मिटाई लेकिन पत्नी और बच्चों की भूख की चिंता खाए जा रही थी। क्या करता, खुद जहर खाने से पहले अपहाहिज मां को जहर दिया, पहले मां की मौत हुई, इसके बाद युवक की भी मौत हो गई।
फतेहपुर सीकरी के गांव जन्नू में 35 वर्षीय मुबारक अपनी मां अस्सो, पत्नी पत्नी हलीमा बेटा जावेद, आवेद बेटियां रुबीना व शबनम के साथ रहता था। वह दरी बुनता था लेकिन घर का खर्चा कैसे चले, छप्पर के घर में धूप और बारिश से बचना मुश्किल था, सुबह से रात तक मेहनत के बाद भी पूरे घर का पेट नहीं भर रहा था। गुरुवार रात को मुबारक की हिम्मत जवाब दे गई, उसने अपनी मां अस्सो को जहर दिया, इसके बाद खुद भी जहर खा लिया। उनकी तबीयत बिगडने पर पत्नी हलीमा ने शोर मचाया, पडोसी आ गए अस्सो की वहीं मौत हो गई। वे मुबारक को जयपुर ले गए लेकिन वह भी जिंदगी की जंग हार गया।
पिता ने भी की थी सुसाइड
आर्थिक तंगी के चलते जफरउद्दीन को अपना खेत बेचना पड़ा था। 20 साल पहले उन्होंने जहर खाकर जान दे दी थी।
सरकारी योजना का नहीं मिल सका लाभ
दिव्यांग मां अस्सो की देखरेख की जिम्मेदारी उसी के ऊपर थी। मां को वृद्धा पेंशन दिलाने के लिए उसने भरसक प्रयास किए मगर सफलता नहीं मिली। सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए महीनों चक्कर काटे मगर किसी को उसकी स्थिति पर दया नहीं आई। जिंदगी और तंगहाली से बाहर निकलने का जब उसे कोई रास्ता नहीं मिला तो उसने भी ऐसा ही किया। उसे लगता था कि उसके बाद मां की देखभाल कौन करेगा। इसलिए उसे भी जहर दे दिया।
की जाएगी आर्थिक मदद
अरुण कुमार एसडीएम किरावली का कहना है कि
सीकरी के नगला जन्नू में दरी बुनकर व उसकी मां की विषाक्त खाने से असमय मौत का मामला गंभीर है शासनादेशों के अनुसार पीड़ित परिवार को सरकारी आवास समेत अधिकतम आर्थिक सहायता दी जायेगी।