आगरालीक्स… अमेरिका के बॉस्केबॉल प्लेयर व नेशनल बॉस्केटबॉल एसोसिएशन (एनबीए) का मोस्ट वैल्युएबल अवार्ड जीत चुके केविन दुरंत ने ताजमहल विजिट के अनुभव से आगरा वासियों का सिर शर्म से झुक जाएगा।
एनबीए के मोस्ट वैल्युएबल बॉस्केटबॉल प्लेयर केविन दुरंत जुलाई के अंत में इंडिया आए थे और यहां एक साथ 3459 बच्चों को बॉस्केटबॉल की ट्रनिंग देकर गिनीज बुक आॅफ वर्ड रिकॉर्ड बनाया था। वे ताजमहल देखने भी गए, यहां से जाने के बाद केविन दुरंत ने द एथलेटिन इन को दिए इंटरव्यू में कहा कि भारत के बारे में मेरे विचार थे कि वह एक ऐसा देश है जहां राजशाही, सोना है, या यूं कहें कि दुबई जा रहे हैं लेकिन जैसे ही भारत में मैने कदम रखा इट वाज रफ,
20 साल पीछे है भारत
केविन दूरंत का मानना है कि भारत नॉलेज और एक्सपीरियंस के मामले में 20 साल पीछे है, ऐसे लोगों की संख्या बहुत अधिक है दो शोषित और निचले दर्जे के हैं वे बॉस्केटबॉल खेलना सीखना चाहते हैं।
ताजमहल के रास्ते के अनुभव किए साझा
केविन दूरंत ने कहा कि मैं सोच रहा था कि ताजमहल पवित्र भूमि है, सुरक्षा बहुत अधिक होगी, और बहुत साफ होगा लेकिन जब मैं ताजमहल के लिए ड्राइव कर रहा था मुझे कुछ पडोसी मुल्क की यादें होने लगी, मैं एक बच्चे की तरह ताजमहल के लिए गाडी में सवारी कर रहा था। बीच रास्ते में मिटटी डली हुई थी, घर आधे बने हुए थे, उनमें लोग रह रहे थे, न उन घरों में दरवाजे थे और ना ही खिडकी थी। बीच रास्ते में गाय खडी थीं और कुत्ते थे।
ताजमहल है आईओपनर
केविन दूरंत ने कहा कि ताजमहल पहुंचने के बाद लगा कि यह आई ओपनर है, 500 साल पहले इसे कैसे बनाया गया होगा, यह पवित्र है। इसलिए ताजमहल दुनिया का सातवां अजूबा है, उन्होंने ताजमहल की तारीफ की।