आगरालीक्स …छः एश्वर्य से पूर्ण श्रीकृष्ण जैसे ही देवकी के गर्भ में आए, माता देवकी भी एक अलौकिक प्रकाश से प्रकाशमान हो गई। आगरा के श्रीजगन्नाथ मंदिर कमला नगर (रश्मि नगर) में नौ दिवसीय भागवत कथा के छठे दिन कथा वाचक अरविन्द स्वरूप प्रभु ने कहा कि देवकी के एश्वर्य में इस तरह के बदलाव के कारण कंस समझ गया था कि श्रीकृष्ण का जन्म होने वाला है, इसलिए उसने देवकी को मारने का भी प्रयास किया।
कंस के अत्याचारों से पीड़ित हर कोई श्रीकृष्ण के जन्म की प्रतिक्षा कर रहा था। और भययुक्त कंस किसी भी तरह विष्णु भगवान के अवतार श्रीकृष्ण के जन्म न लेने का हर सम्भव प्रयास कर रहा था। श्रीकृष्ण के गर्भ में आते ही कारागार में कैद देवकी को अलौकिक प्रकाश से प्रकाशमान होते देख भक्त हर्षित हो उठे, जबकि कंस चिता और भययुक्त। देवकी के एश्वर्य को देख कंस ने देवकी को मारने का भी मन बनाया। लेकिन एक गर्भवती महिला की हत्या का पाप करने के डर से वह रुक गया। दूसरी ओर श्रीकृष्ण के देवरी के गर्भ में आते ही ब्रह्माजी सहित सभी देवी देवता उनकी स्तुति के लिए पहुंच गए।
कथा का समापन 15 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टी उत्सव पर होगा। इस अवसर पर हरि विजय दास, राहुल बंसल, गौरव बंसल, केशव अग्रवाल, अमित बंसल, अशोक गोयल, लड्डू भाई, अखिल बंसल, डॉ. मयंक मित्तल, मुकेश तिवारी, नीतेश अग्रवाल, जिप्पी गोयल, भरत शर्मा, कपिल अग्रवाल, कपिल अग्रवाल आदि उपस्थित थे।