आगरालीक्स… श्रीकृष्ण जन्मस्थान, मथुरा में रात 12 बजे श्रीकृष्ण का जन्म हुआ, स्वर्ण चांदी की गाय से दुग्धाभिषेक कराया गया, आज से 5000 साल पहले कंस की जेल में श्रीकृष्ण ने जन्म लिया था, जेल के पहरेदारों को भी श्रीकृष्ण के जन्म की भनक नहीं लगी थी, वासुदेव कान्हा को नंदगांव छोड आए थे, जिससे कंस उनके लाडले कान्हा को न मार सके, आज श्रीकृष्ण का जन्मदिन मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान में ही नहीं दुनिया में मनाया जाता है और पूरे जोश और उत्साह के साथ
इस तरह हुआ कान्हा का जन्म
श्रीकृष्ण जन्मस्थान, मथुरा में मंगलवार सुबह मंगला आरती के साथ ही भागवत भवन स्थित लाला के विग्रह के पट खोल दिए गए। सुबह से ही कान्हा के जन्मदिन के कार्यक्रम शुरू हो गए। सुबह साढ़े दस बजे पुष्पांजली के साथ दिनभर के कार्यक्रमों का आगाज किया गया। कुसुम बेलि परिधान में सजे कान्हा की दिव्य छटा देखने को मंदिर में श्रद्धालु सुबह से ही भीड लगी रही।
शाम पांच बजे भगवान श्रीकृष्ण की भव्य शोभायात्रा संकीर्तन के साथ भरतपुर गेट से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य बाजारों से होकर श्रीकृष्ण जन्मस्थान तक गई। रात 12 बजे श्रीकृष्ण का जन्म हुआ, स्वर्ण चांदी की गाय से भगवान का दुग्धाभिषेक कराया गया। अभिषेक का यह कार्यक्रम आधे घंटे तक चला।
नंदगांव में मना जन्मदिन
नंदगांव-बरसाना की विशेष परंपरा के अनुसार पंचागों की काल गणना के उलट रक्षा बंधन के ठीक आठ दिन बाद यहां श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाता है। 15 अगस्त को अष्टमी की संध्या से ही बरसाना के गोस्वामी समाज के लोग नंदभवन पहुंचे। यहां समाज गायन हुआ। संयुक्त समाज गायन के दौरान लाला के जन्म की बधाइयां गाई। रात 10 बजे मंदिर प्रांगण में ढांढ़ पुरोहित द्वारा नंदबाबा की वंशावली का बखान किया गया। मध्यरात्रि को मंदिर में पंचामृत से लाला के श्री विग्रह का गुप्त अभिषेक हुआ। ठीक 12 बजे मंदिर के पट भक्तों के लिए खोल दिए गए।
आज ये होंगे कार्यक्रम
आज 16 अगस्त नवमी को दधिकांधव, मल्ल युद्ध, बांस बधाई, भांड़ लीला, शंकर लीला आदि का मंचन किया जाएगा। नंद महोत्सव के दौरान श्री कृष्ण बलराम को रजत के हिंडोले में बाहर जगमोहन में विराजमान किया जाएगा।