आगरालीक्स…आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज का ऐसा स्मारक बनेगा कि ताजमहल से पहले लोग इसे देखने जाएंगे..ऐसा न हुआ तो नाम बदल देना…महाराष्ट्र के सीएम ने भव्य स्मारक बनाने के आदेश किए जारी..यहां बनेगा स्मारक
आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज का भव्य स्मारक बनाया जाएगा. इसको लेकर शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार ने आदेश जारी कर दिए हैं. आदेश में सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि आगरा में यह स्मारक उसी स्थान पर बनाया जाएगा जहां छत्रपति शिवाजी महाराज को नजरबंद रखा गया था, उस इमारत का महाराष्ट्र सरकार अधिग्रहण करेगी और वहां एक भव्य स्मारक बनाया जाएगा. बजट में आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी. यह स्मारक शिवाजी महाराज की वीरता और साहस का प्रतीक होगा.
कोठी मीना बाजार में किए गए थे महाराज नजरबंद
छत्रपति शिवाजी महाराज का आगरा से गहरा नाता रहा है. क्रूर औरंगजेब ने शिवाजी महाराज को आगरा में राम सिंह की कोठी (कोठी मीना बाजार) में नजर बंद कर दिया था. इसको लेकर पहले ये भी कहा गया था कि छत्रपति महाराज को आगरा किला में नजर बंद किया गया था लेकिन इतिहासविदों के अनुसार औरंगजेब ने साजिश के तहत उन्हें आगरा किला में नहीं बल्कि कोठी मीना बाजार स्थित राजा राम सिंह की कोठी में नजरबंद किया गया था.
जानिए क्या है सरकारी आदेश में
महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि शिवाजी महाराज को मुगलों ने आगरा में कैद कर लिया था लेकिन वे अपनी बुद्धिमत्ता और चतुराई से वहां से भाग निकले और महाराष्ट्र वापस आ गए लेकिन वहां कोई स्मारक या प्रतीक नहीं दिखता. जब महाराष्ट्र के लोग उस जगह जाते हैं तो उन्हें कोई प्रतीक नहीं दिखता. ऐसे में जिस जगह उन्हें कैद किया गया था, वहां पर भव्य स्मारक बनाया जाएगा. इसमें कहा गया है कि शिवाजी महाराज महाराष्ट्र के आराध्य देवता हैं. उनकी वीरगाथा की प्रशंसा की जानी चाहिए.
ताजमहल से भी आगे निकलेगा यह स्मारक
मुख्यमंत्री फडणवीस आगरा किला में आयोजित छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती कार्यक्र्म में 19 फरवरी को आगरा आए थे. इस दौरान उन्होंने घोषणा की थी कि आगरा में शिवाजी महाराज का भव्य स्मारक बनाया जाए तो यह पर्यटन स्थल के तौर पर दुनिया के सातवें अजूबों में से एक ताजमहल से भी आगे निकल जाएगा. उन्होंने यह भी कहा था कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो मेरा नाम बदल देना.
ऐसे खोजा गया कोठी मीना बाजार का इतिहास
योगेंद्र उपाध्याय द्वारा आगरा के ऐतिहासिक व प्राचीन कोठियों का इतिहास तलाशने और उनके राजस्व अभिलेखों को खंगालने का कार्य शुरू हुआ. इसी बीच आगरा के इतिहासकार डॉ0 सुगम आनन्द एवं अब स्वर्गीय डॉ अमी आधार निडर को भी इस कार्य में लगाया. इस खोज में जयपुर राजघराने के राजस्व अभिलेख और जयपुर हाउस व निकटवर्ती क्षेत्र के प्राचीन राजस्व अभिलेखों से यह तथ्य सामने आये कि मीना बाजार की कोठी वह स्थान है जहां राजा राम सिंह की वही कोठी थी जिसमें छत्रपति शिवाजी महाराज को नजरबंद किया गया था.