आगरालीक्स… सुप्रीम कोर्ट के तीन तलाक पर फैसला आते ही आगरा में एक युवती एसपी सिटी के पास पहुंची। उसका पति तलाक बोलकर रिश्ता तोडना चाहता है। उसकी सात साल पहले ही शादी हुई है, पीडिता का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय मुस्लिम महिलाओं के लिए बहुत सही है।
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक का असंवैधानिक बताया। साथ ही इसपर छह महीने के भीतर सरकार को कानून बनाना होगा। इस मामले पर पांच जजों की बेंच ने सुनवाई की। दो जज तीन तलाक के पक्ष में थे वहीं तीन इसके खिलाफ। बहुमत के हिसाब से तीन जजों के फैसले को बेंच का फैसला माना गया। बेंच में जस्टिस जेएस खेहर, जस्टिस कुरिएन जोसेफ, आरएफ नरीमन, यूयू ललित और एस अब्दुल नज़ीर शामिल थे। इस केस की सुनवाई 11 मई को शुरु हुई थी। जजों ने इस केस में 18 मई को अपना फैसला सुरक्षित रख दिया था।
इससे पहले ही सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया था कि यह एक विचार करने का मुद्दा है कि मुसलमानों में तीन तलाक जानबूझकर किया जाने वाला मौलिक अधिकार का अभ्यास है, न कि बहुविवाह बनाए जाने वाले अभ्यास का।
फैसला आते ही युवती पहुंची एसपी सिटी कार्यालय
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही मंगलवार युवती एसपी सिटी कार्यालय, हरीपर्वत पहुंची। उसने बताया कि उसकी शादी 5 मई 2010 को शाहगंज निवासी युवक से हुई थी वह कपडे का काम करता है। शादी के बाद से ही पति और ससुराल वाले उसे दहेज के नाम पर परेशान करने लगे। उसके पिता की मौत के बाद उत्पीड़न करने लगे।
5 मई को तलाक की धमकी देकर घर से निकाला
आरोप है कि उसे 5 मई 2017 को उसके पति ने ने यह कहकर घर से निकाल दिया कि कार नहीं लेकर आई तो तलाक दे दूंगा। युवती का कहना है कि उसके पति के खिलाफ सख्ती कार्रवाई की जाए।